RE-NEET Result 2026: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने री-NEET 2026 परीक्षा परिणाम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के बाद आयोजित री-NEET परीक्षा के नतीजों में भी कथित गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। जूली ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यह पूरे परीक्षा तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

रविवार को अलवर स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए जूली ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी बड़े दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिल पाई है।

एक ही परीक्षार्थी के तीन अलग-अलग नंबर होने का दावा

टीकाराम जूली ने दावा किया कि एक परीक्षार्थी प्रिया के मामले में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, परीक्षार्थी की दो अलग-अलग ओएमआर शीट सामने आईं, जिनमें अंक अलग-अलग दर्ज थे। इतना ही नहीं, दोनों ओएमआर शीट कथित तौर पर किसी अन्य नाम से थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जारी आंसर-की के आधार पर छात्रा के 560 अंक बनने चाहिए थे, जबकि अपलोड की गई ओएमआर शीट में 536 अंक दिखाई दिए। बाद में घोषित री-NEET परिणाम में उसी छात्रा को 398 अंक दिए गए। जूली ने कहा कि एक ही परीक्षार्थी के तीन अलग-अलग अंक सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि री-NEET परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित गड़बड़ियां परीक्षा प्रणाली में गहरे स्तर तक फैली अनियमितताओं की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है।

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना

टीकाराम जूली ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और उनकी हिरासत को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक जैसे व्यक्ति के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था। जूली ने कहा कि वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे और सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए था।

अलवर की कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

अलवर में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाते हुए जूली ने कहा कि जिले में हत्या, लूट, चोरी और फायरिंग जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में पुलिस का भय कम होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग होने के बावजूद कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। साथ ही बीट कांस्टेबल व्यवस्था, इंटेलिजेंस नेटवर्क और अपराध नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

अवैध खनन और साइबर ठगी पर भी सरकार को घेरा

टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि बड़े साइबर ठगी नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है, जबकि छोटे मामलों में कार्रवाई कर उपलब्धि दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अलवर से केंद्रीय और राज्य स्तर पर पर्यावरण से जुड़े मंत्री होने के बावजूद अवैध खनन जारी है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

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