लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद। अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में भीड़ अधिक होने की वजह से यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यात्री किस तरह से बोगी के अंदर जगह नहीं होने की वजह से गेट पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं.

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दरअसल, यह वीडियो ट्रेन से सफर कर रहे किसी यात्री ने बनाया है. यह वीडियो एक-दो दिन की नहीं, बल्कि ट्रेन में रोजाना यात्रा करने वाले उन छोटे व्यापारियों की, छात्रों की और मजदूरों की है, जो काम के सिलसिले में रोजाना बालोद-गुंडरदेही से मरोदा, दुर्ग या फिर रायपुर आना-जाना करते हैं.

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ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि दल्ली राजहरा, गुंडरदेही या फिर बालोद से दुर्ग-रायपुर तक आने-जाने के लिए ट्रेन की सबसे सस्ता और कम समय लेने वाला सफर होता है. लेकिन गिनती की ट्रेनें और उनमें भी आम लोकल ट्रेनों की तुलना में कम बोगी लगाए जाने से लोगों को मजबूरी में गेटों में लटककर यात्रा करना पड़ता है.

रेलवे प्रशासन ने मूंद ली आंखें

जानकार बताते हैं कि अंतागढ़-दुर्ग-रायपुर रुट पर यात्री ट्रेनों को चलाना रेलवे प्रशासन मजबूरी के तौर पर देखता है. दरअसल, इस रुट से भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क का आपूर्ति की जाती है, और इस रुट का निर्माण भी इसी उद्देश्य की खातिर किया गया है. अगर यात्री ट्रेन चलाएंगे तो माल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिसकी वजह से गिनती की ही यात्री ट्रेनों का परिचालन किया जाता है.

देखिए वीडियो –

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