पठानकोट। पंजाब के लीची जोन कहे जाने वाले पठानकोट जिले में पिछले पांच दिनों से जारी रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बागवानों की नींद उड़ा दी है। तापमान में गिरावट और मौसम विभाग द्वारा जारी तूफान की चेतावनी से आम और लीची की पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फूलों पर है फसल, बारिश बनी विलेन
वर्तमान में आम और लीची के पेड़ फूलों के चरण में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय होने वाली तेज बारिश और ओलावृष्टि से फूल गिर सकते हैं, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 9.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 से 20 मार्च के बीच जिले में कुल कोटे की 43.5% बारिश हो चुकी है, जो पंजाब में सबसे अधिक है। अगले 24 घंटों के लिए भी गरज और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
करोड़ों का कारोबार दांव पर
पठानकोट जिले में कुल 5,200 हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती होती है। बागवानी विभाग के आंकड़ों के अनुसार लीची 2,100 हेक्टेयर (पिछले साल 35,000 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था)। आम 2,000 एकड़। किन्नू 600 हेक्टेयर।

सर्वे की तैयारी में विभाग
बागवानी अधिकारी जतिंदर कुमार ने बताया कि हालांकि अभी तक बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन विभाग बागवानों से संपर्क बनाए हुए है। मौसम साफ होने के बाद एक व्यापक सर्वे किया जाएगा ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। सुजानपुर में बनी लीची एस्टेट भी इस सीजन के लिए सक्रिय है, लेकिन कुदरत की मार ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
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