कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर अतिपिछड़ा समाज का मुद्दा केंद्र में है। राज्य सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने पटना में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आगामी 22 जून को आयोजित होने वाले अतिपिछड़ा सम्मेलन की घोषणा की है। यह भव्य आयोजन पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में संपन्न होगा।
एनडीए के प्रति आभार व्यक्त करेगा अतिपिछड़ा समाज
मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार की एनडीए सरकार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने जिस तरह से अतिपिछड़ा समाज को मुख्यधारा में शामिल करने और उन्हें सशक्त बनाने का काम किया है वह ऐतिहासिक है। यह सम्मेलन इसी सम्मान के जवाब में अतिपिछड़ा समाज द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
जननायक कर्पूरी ठाकुर को सम्मान और मंत्रिमंडल में भागीदारी
अपनी बात को विस्तार देते हुए मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल वादे नहीं किए बल्कि धरातल पर काम करके दिखाया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के निर्णय को समाज के लिए सबसे बड़ा गौरव बताया। चंद्रवंशी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने न केवल भावनात्मक सम्मान दिया है बल्कि राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बिहार मंत्रिमंडल में अतिपिछड़ा वर्ग को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया है। इसके साथ ही विधान परिषद में भी समाज के प्रतिनिधियों को स्थान देकर नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया गया है।
एकजुटता का संदेश देगी यह सभा
इस सम्मेलन को अतिपिछड़ा वर्ग की एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री के अनुसार बिहार का अतिपिछड़ा समाज अब एक मंच पर खड़ा होकर एनडीए सरकार की नीतियों का समर्थन करेगा। यह कार्यक्रम न केवल केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का बखान करेगा बल्कि आने वाले समय के लिए समाज की राजनीतिक दिशा भी तय करेगा।
इस सम्मेलन में राज्य भर से अतिपिछड़ा समाज के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। यह आयोजन बिहार की सियासत में एनडीए के लिए एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर गहरा प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।

