पटना। बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री आवास सचिवालय और शहर के चार प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। यह ईमेल ग्रामीण विकास विभाग को भेजा गया था जिसके बाद पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की टीमें तुरंत एक्टिव हो गईं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ईमेल में क्या है धमकी?
धमकी भरा यह ईमेल मंगलवार सुबह 7:57 बजे ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुआ। विभाग के संयुक्त सचिव रवि कुमार ने इस मामले की औपचारिक शिकायत थाने में दर्ज कराई है। ईमेल भेजने वाले ने धमाकों के समय का भी जिक्र किया था। उसके मुताबिक 21 जुलाई को दोपहर 3:11 बजे पटना सचिवालय में विस्फोट किया जाना था जबकि रात 9:11 बजे मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास को उड़ाने की बात कही गई थी।
दानापुर के 4 प्रमुख स्कूलों को भी टारगेट
सचिवालय और सीएम हाउस के अलावा पटना के दानापुर क्षेत्र के चार नामी स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें दानापुर कैंट स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल, रेडियंट इंटरनेशनल स्कूल, तथा चांदमारी रोड स्थित डीपीएस सीनियर और जूनियर स्कूल शामिल हैं।
धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर तुरंत सभी छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और परिसरों की सघन जांच शुरू की। हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
कनाडा विवाद और संजय वर्मा से जुड़ रहा कनेक्शन
इस धमकी भरे ईमेल का कनेक्शन करीब दो साल पहले कनाडा में हुए विवाद से जोड़ा जा रहा है। ईमेल में संजय वर्मा का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि उन्हें पटना में छिपाया गया है और खालिस्तानी आतंकवादी उन्हें वहीं ढूंढकर मारेंगे।
उल्लेखनीय है कि कनाडा में उच्च आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान संजय वर्मा ने जस्टिन ट्रूडो सरकार पर खालिस्तानियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया था। ईमेल में यह भी कहा गया है कि कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी तत्व भारत की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती दे रहे हैं।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
चूंकि इन दिनों बिहार विधानसभा का मानसून सत्र भी चल रहा है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चाक-चौबंद थी। इस धमकी के सामने आने के बाद पटना पुलिस और मुख्यालय के अधिकारी पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। सचिवालय थाने की पुलिस ने ईमेल मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि आवेदन मिलते ही डॉग स्क्वायड और सुरक्षा बलों ने मुख्यमंत्री सचिवालय और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तकनीकी जांच के जरिए ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हैं।


