पटना। बिहार की राजधानी पटना में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत सामने आई है। रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के खेमनीचक इलाके से एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक पुलिसकर्मी वर्दी पहने हुए नशे की हालत में झूमता हुआ दिखाई दे रहा है। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।
वायरल वीडियो और पहचान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे ने गंभीरता दिखाई। पटना सदर-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रंजन कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो खेमनीचक क्षेत्र का है। स्थानीय लोगों की सूचना और वीडियो के आधार पर जांच की गई तो नशे की हालत में दिख रहे व्यक्ति की पहचान आरक्षी विनोद राम के रूप में हुई। वीडियो में उनकी अवस्था देखकर साफ लग रहा था कि वे अपना संतुलन खो चुके थे, जो कि एक वर्दीधारी के लिए अत्यंत अनुशासनहीनता और शर्म का विषय है।
त्वरित कार्रवाई: हिरासत और मेडिकल जांच
वायरल वीडियो के संज्ञान में आते ही पटना पुलिस की डायल-112 टीम सक्रिय हुई और तत्परता दिखाते हुए आरोपी आरक्षी विनोद राम को हिरासत में ले लिया। उन्हें तुरंत थाने लाया गया और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी मेडिकल जांच कराई गई। यह जांच इस बात की पुष्टि करने के लिए अनिवार्य थी कि पुलिसकर्मी ने शराब या अन्य किसी प्रतिबंधित मादक पदार्थ का सेवन किया है या नहीं। पुलिस की यह कार्रवाई यह संदेश देने के लिए पर्याप्त है कि विभाग में अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राथमिकी दर्ज और विभागीय कार्यवाही की तैयारी
SDPO रंजन कुमार ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरक्षी विनोद राम के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा मेडिकल रिपोर्ट आते ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि पुलिस सेवा नियमावली के तहत कड़ी विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।
कानून सबके लिए बराबर
बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को लेकर प्रशासन का रुख हमेशा सख्त रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली है। चाहे आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी, कानून का उल्लंघन करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा। आरक्षी के इस कृत्य की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। यह मामला एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था और वर्दी की गरिमा को बनाए रखने की चुनौती को उजागर करता है।

