पटना। पुलिस ने राजधानी में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक सप्ताह के भीतर करीब 22 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ बरामद किए हैं। ताजा कार्रवाई मंगलवार देर रात रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के सोरनपुर इलाके में की गई, जहां पुलिस ने लगभग 15 किलोग्राम स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से एक पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

पुलिस को सूचना मिली थी कि सोरनपुर देवी स्थान के पास स्थित एक मकान से बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। इसी ठिकाने से पटना समेत कई जिलों में स्मैक की आपूर्ति की जा रही थी। सूचना के आधार पर डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) की टीम ने छापेमारी कर छोटू उर्फ चिंटू और मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार छोटू कुमार का संबंध 3 जून को फुलवारीशरीफ के गोपालपुर इलाके में पकड़े गए ब्राउन शुगर तस्करी मामले से भी है। पुलिस पिछले एक सप्ताह से उसकी तलाश कर रही थी।

पहले भी पकड़ी गई थी करोड़ों की खेप

3 जून को गोपालपुर थाना क्षेत्र के नयाचक स्थित बेईमान टोला में पुलिस ने संतोष साव के घर पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान 5.815 किलोग्राम हेरोइन, 815 ग्राम ब्राउन शुगर, 18.66 लाख रुपये नकद, हथियार, कारतूस और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया था। बरामद नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

पति-पत्नी और रिश्तेदार चला रहे थे नेटवर्क

उस मामले में गिरफ्तार कृष्ण कुमार राम ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि उसकी बहन रेखा देवी, बहनोई संतोष साव, सीमा कुमारी और छोटू कुमार मिलकर ब्राउन शुगर तस्करी का संगठित नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

जांच के अनुसार, गिरोह उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और गाजीपुर के अलावा बिहार के बक्सर से नशीले पदार्थ लाता था। इसके बाद इन्हें छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक कर पटना के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किया जाता था। तस्करी के लिए चोरी की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया जाता था।

मुख्य सरगना की तलाश जारी

पुलिस का दावा है कि तस्करी से अर्जित रकम से संतोष साव ने अपने परिजनों के नाम पर कई कीमती जमीनें खरीदी हैं। फिलहाल संतोष साव, उसकी पत्नी रेखा देवी और सीमा कुमारी फरार हैं। पुलिस को उम्मीद है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद राजधानी में फैले इस बड़े ड्रग्स नेटवर्क की पूरी परतें खुलकर सामने आएंगी।