पटना/ कुंदन कुमार। ओडिशा के पुरी की तर्ज पर इस वर्ष राजधानी पटना में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन बेहद भव्य और अलौकिक होने जा रहा है। इस्कॉन मंदिर, पटना की ओर से 16 जुलाई को आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा शहर के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी।
रथ यात्रा का मार्ग और भव्यता
इस्कॉन मंदिर के रमन मंगलम ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा का रथ 16 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे मंदिर परिसर से निकलेगा। यह यात्रा मुख्य रूप से इनकम टैक्स गोलंबर होते हुए वूमेंस कॉलेज के मार्ग से गुजरेगी और अंत में पुनः इस्कॉन मंदिर पर आकर संपन्न होगी। इस वर्ष इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
108 व्यंजनों का महाभोग और पुष्प वर्षा
इस यात्रा को विशेष बनाने के लिए कई अनोखी व्यवस्थाएं की गई हैं। भगवान जगन्नाथ को भोग लगाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है, जिसमें 108 प्रकार के पारंपरिक व्यंजन अर्पित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान जगह-जगह क्रेन के माध्यम से प्रभु को भोग लगाने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए रथ के पूरे मार्ग पर हेलीकॉप्टर के जरिए पुष्प वर्षा की जाएगी, जो इस यात्रा के दृश्य को अविस्मरणीय बना देगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और वीआईपी उपस्थिति
भारी जनसमूह को देखते हुए प्रशासन और इस्कॉन प्रबंधन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती और निगरानी बढ़ाई जाएगी। वहीं आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी शामिल होने की संभावना है।
इस्कॉन प्रबंधन ने पटनावासियों से इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेने और भगवान जगन्नाथ के दर्शन का लाभ उठाने की अपील की है। शहर में अभी से ही भक्ति का माहौल है और श्रद्धालु इस दिन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह पटना की सांस्कृतिक पहचान को भी एक नया आयाम देगी।

