पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर बुधवार सुबह अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट, धमाकों की गूंज और सायरन की आवाज से गूंज उठा। मंदिर के भीतर अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन संदिग्ध आतंकियों के घुसने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि, यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं, बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रियाओं को परखने के लिए किया गया एक हाई-प्रोफाइल मॉकड्रिल था।

​धमाके के साथ हुई घुसपैठ और बंधक संकट

​घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब तीन संदिग्ध आतंकवादी अचानक हथियारों और हैंड ग्रेनेड के साथ मुख्य द्वार से मंदिर परिसर में दाखिल हुए। प्रवेश द्वार पर एक नियंत्रित विस्फोट कर उन्होंने अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। गेट पर मौजूद दोनों सुरक्षा गार्डों को गोली मारकर घायल कर दिया गया। इसके बाद, हमलावरों ने मंदिर के एक हिस्से पर कब्जा जमाते हुए दो पुजारियों को बंधक बना लिया, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई।

​पुलिस, ATS और सुरक्षाबलों का त्वरित एक्शन

​घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली, जक्कनपुर और बुद्धा कॉलोनी के थाना प्रभारियों (SHO) समेत मजिस्ट्रेट और लगभग 50 पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए पटना एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS), विशेष सुरक्षा बल बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी तुरंत मैदान में उतार दिया गया।
​सुरक्षाबलों ने तत्परता दिखाते हुए मंदिर परिसर को चारों तरफ से पूरी तरह घेर लिया। इसके साथ ही मेडिकल टीम, दमकल विभाग और एंबुलेंस को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैनात कर दिया गया। अचानक भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को देखकर मंदिर के बाहर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जो इस पूरे घटनाक्रम को उत्सुकता और चिंता के साथ देख रहे थे।

​मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य

​अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित वास्तविक आतंकी हमले या आपातकालीन संकट से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल, कम से कम समय में कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का परीक्षण करना था। इस अभ्यास के दौरान सुरक्षा बलों ने न केवल ‘आतंकियों’ को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया, बल्कि मंदिर के अंदर फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस मॉकड्रिल से प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी का एक बार फिर पुख्ता प्रमाण दिया है।