पटना। ​बिहार के नगर निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। राज्य भर के निकाय कर्मी 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्रम में आज पटना नगर निगम के कर्मियों द्वारा मौर्या लोक स्थित मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है।

​सरकार की मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ आक्रोश

​पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को दो वर्षों का पर्याप्त समय दिया गया था। नगर विकास विभाग के अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों की एक समिति भी गठित हुई थी जिसमें समान काम के बदले समान वेतन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। हालांकि एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी एक भी बैठक नहीं हुई जिसे कर्मचारी सरकार की मजदूर विरोधी मंशा मान रहे हैं।

​प्रदर्शन और आंदोलन की रूपरेखा

​हड़ताल की सफलता के लिए पटना नगर निगम द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। आज दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाले प्रदर्शन के बाद, निगम के सभी अंचलों में आम सभाएं आयोजित की जाएंगी। विरोध प्रदर्शन का क्रम बांकीपुर अंचल से शुरू होकर कंकड़बाग, पाटलीपुत्र, नूतन राजधानी, अजीमाबाद और पटना सिटी अंचल तक चलेगा।
​हड़ताल के पूर्व चरण में पूरे प्रदेश के निकाय क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं:

  • ​प्रमंडलीय आम सभाएं: गया (5 जुलाई), पटना (6 जुलाई), मुजफ्फरपुर (10 जुलाई), दरभंगा (12 जुलाई), बेगूसराय (14 जुलाई), साथ ही कोसी, भागलपुर और पूर्णिया में क्रमवार सभाएं होंगी।
  • ​मशाल जुलूस: 29 जुलाई की शाम को प्रदेश के सभी नगर निकायों में हड़ताल के पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
  • ​कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार की उदासीनता के कारण अब प्रदेश भर की सफाई और अन्य आवश्यक सेवाएं 30 जुलाई से ठप होने की पूरी संभावना है।