विकसित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में देश के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) का तेजी से विकास किया जा रहा है। इसी कड़ी में, प्रमुख महानगरों पर बढ़ते जनसंख्या के दबाव को कम करने और आसपास के शहरों के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्याधुनिक परिवहन साधनों को जोड़ा जा रहा है। बिहार में भी इसी तर्ज पर एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी चल रही है, जिसके तहत राजधानी पटना और प्रमुख शहर मुजफ्फरपुर के बीच संपर्क को और अधिक तीव्र किया जा रहा है।
160 किमी/घंटा की रफ्तार और एक घंटे का सफर
- बिहार की राजधानी पटना और व्यावसायिक तथा शैक्षणिक केंद्र मुजफ्फरपुर के बीच आवागमन को बेहद तेज और आरामदायक बनाने के लिए नमो भारत रैपिड रेल सेवा शुरू करने की तैयारियां जोरों पर हैं।
- यह हाई-स्पीड ट्रेन लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।
- इस आधुनिक ट्रेन सेवा के शुरू होने से मुजफ्फरपुर और पटना के बीच की दूरी महज 60 मिनट (एक घंटे) में पूरी हो जाएगी।
- यात्रियों को इस हाईब्रिड ट्रेन में विश्वस्तरीय और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, जिससे उनके बहुमूल्य समय की भारी बचत होगी।
वर्तमान परिवहन व्यवस्था और यात्रियों की मुश्किलें
वर्तमान में पटना और मुजफ्फरपुर के बीच रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। इस मार्ग पर यात्रा करने वालों में व्यापारी, छात्र, और इलाज के लिए आने वाले मरीज बड़ी संख्या में शामिल हैं।
- अभी इस रूट पर लगभग आधा दर्जन एमईएमयू (MEMU) और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित होती हैं।
- इसके अलावा, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) और निजी बसें भी इन दोनों शहरों के बीच चलती हैं।
- सड़क मार्ग या मौजूदा ट्रेनों से यात्रा करने में सामान्यतः ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) की मदद से तैयारी
मुजफ्फरपुर और पटना के बीच शुरू होने वाली इस हाई-स्पीड रेल परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए तेजी से काम चल रहा है। इस पूरी योजना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन में मूर्त रूप दिया जा रहा है। इस सौगात से न केवल दोनों शहरों के बीच की दूरियां कम होंगी, बल्कि बिहार के परिवहन इतिहास में एक नया मील का पत्थर भी साबित होगा।


