Patna Police Transfer: राजधानी पटना में लगातार बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 79 ओपी (आउट पोस्ट) प्रभारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और जवानों का तबादला किया है। इस बदलाव का मकसद अपराध पर प्रभावी नियंत्रण करना और पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
कार्रवाई की बजाय अपराध रोकने पर फोकस
पटना पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद कार्रवाई करने की बजाय अपराध को पहले ही रोकने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इसके लिए नए सिरे से ओपी और पुलिस पिकेट को सक्रिय किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके और अपराधियों की गतिविधियों की समय रहते जानकारी मिल सके।
पुलिस के मुताबिक, नए ओपी की जिम्मेदारी सिर्फ गश्त तक सीमित नहीं होगी। वहां तैनात पुलिसकर्मी इलाके से जुड़ी आसूचना जुटाएंगे, पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी संभावित वारदात को होने से पहले रोकने की कोशिश करेंगे।








हर ओपी में 10 सशस्त्र जवानों की तैनाती
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के आदेश अनुसार, सभी नए ओपी में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) को निर्देश दिया गया है कि पटना पुलिस केंद्र से प्रत्येक ओपी में 10-10 सशस्त्र जवानों की प्रतिनियुक्ति की जाए।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा, पुलिस की मौजूदगी हर इलाके में मजबूत होगी और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ेगा। यह फेरबदल पटना पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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