कुंदन कुमार/पटना: राजधानी स्थित रविंद्र भवन में रविवार को बिहार प्रारंभिक शिक्षक संघ द्वारा एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संघ के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक बड़ा और सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मैं जल्द ही आप सभी के प्रतिनिधियों को अधिकारियों के साथ एक मेज पर बैठाऊंगा। एक सप्ताह के भीतर आप लोगों को सचिवालय बुलाया जाएगा, जहां हम साथ बैठकर चाय और जलपान करेंगे। मेरा प्रयास होगा कि जो भी जायज निर्णय हो सकते हैं, उन्हें उसी दिन तत्काल प्रभाव से लिया जाए।”
शिक्षकों को माना समाज का प्रकाश स्तंभ
शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए मंत्री ने भावुक शब्दों में कहा, “मेरी नजर में शिक्षक उस मोमबत्ती की तरह हैं, जो खुद जलकर दूसरों को रोशनी प्रदान करते हैं।” उन्होंने शिक्षकों की महत्ता को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की नजर में उनकी गरिमा सर्वोपरि है।
”सड़कों पर नहीं, विद्यालयों में हो शिक्षकों का स्थान”
अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने शिक्षक आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शिक्षकों का कार्यक्षेत्र सड़कें नहीं, बल्कि विद्यालय हैं। उन्होंने कहा, “आपका स्थान चिलचिलाती धूप में सड़कों पर संघर्ष करने के लिए नहीं बना है। आपका वास्तविक स्थान विद्यालयों में बैठकर बच्चों को शिक्षा-दीक्षा देने और उन्हें शिक्षित करने का है।”
प्रतिभाओं को निखारने का आह्वान
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा, “हमें आपसे बहुत उम्मीदें हैं और आपको समाज निर्माण के लिए और अधिक मेहनत करने की जरूरत है। आपका मूल दायित्व गांवों की झोपड़ियों में छिपी हुई प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें निखारना और तराशना है।”
यह कार्यक्रम शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच संवाद की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सचिवालय में होने वाली आगामी बैठक को लेकर प्रारंभिक शिक्षकों में काफी उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके लंबित मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

