कुंदन कुमार/पटना। राजधानी पटना की सड़कों पर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। विभिन्न मुद्दों और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र लगातार उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का एक प्रमुख दल सीधे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास तक पहुंच गया और वहां जमकर नारेबाजी की। इस स्थिति ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी गई है।

​गांधी मैदान में टकराव और पुलिस की कार्रवाई

​सुबह प्रदर्शन की शुरुआत के दौरान गांधी मैदान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि स्थिति के राजनीतिक तूल पकड़ने और विरोध के बढ़ने पर सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया। सरकार के निर्देश के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और पानी की बौछारें रोक दीं, जिससे छात्रों को और अधिक आगे बढ़ने का मौका मिल गया।

​बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र, टुकड़ों में बंटा प्रदर्शन

​प्रशासनिक रोक हटने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग और घेराबंदी को तोड़ दिया। पुलिस के रोकने के बावजूद छात्र छोटे-छोटे जत्थों और टुकड़ों में बंटकर मंत्रियों के आवासों और वीआईपी इलाकों की तरफ बढ़ रहे हैं। राजधानी के कई प्रमुख चौराहों पर छात्र समूह बनाकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं जिससे शहर के कई हिस्सों में आवागमन प्रभावित हो गया है और यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

​विधानसभा की सुरक्षा बढ़ाई गई, मुख्य द्वार सील

​छात्रों के उग्र तेवर और लगातार बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तथा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।