सोनीपत में बाल लिंगानुपात में सुधार और पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सलाहकार समिति की बैठक में तीन अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही अवैध भ्रूण लिंग जांच और एमटीपी किट मामलों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
संजीव घनगस, सोनीपत। पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को सिविल अस्पताल, सोनीपत में जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति की चेयरपर्सन डॉ. श्रुति ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में भ्रूण लिंग जांच एवं लिंग चयन पर रोक से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा करना तथा अधिनियम के तहत की जा रही कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
इस दौरान चेयरपर्सन डॉ. श्रुति ने कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बाल लिंगानुपात में सुधार केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज में व्यापक जन-जागरूकता और सामूहिक सहभागिता भी आवश्यक है। बैठक के दौरान समिति ने जिले में पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों की स्थिति, नियमित निरीक्षण, रिकॉर्ड संधारण तथा पूर्व में की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की।

समीक्षा के उपरांत महाराजा अग्रसेन चैरिटेबल हॉस्पिटल, गन्नौर स्थित पुलिस स्टेशन रेलवे रोड, गर्वित डायग्नोस्टिक सेंटर (आदर्श नगर, सोनीपत) तथा एडॉर्मा हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड (सुशांत सिटी, कुंडली) की अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील करने के आदेश दिए गए। वहीं कुछ अस्पतालों के नए पंजीकरण मामलों में समिति सदस्यों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। समिति ने एक अन्य मामले में संबंधित अस्पताल द्वारा यूएसजी/इको मशीनों को पोर्टेबल घोषित करने के लिए दी गई अर्जी को अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए अस्वीकार कर दिया।
बैठक में जिला पीएनडीटी टीम द्वारा कुंडली क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर एमटीपी किट मिलने पर की गई कार्रवाई तथा उत्तर प्रदेश के धनौरा और सहारनपुर में अवैध भ्रूण लिंग जांच केंद्रों के विरुद्ध पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई की भी जानकारी साझा की गई। जिला सलाहकार समिति ने अवैध भ्रूण लिंग जांच पर प्रभावी निगरानी, दोषी संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला पीएनडीटी टीम के सदस्य डॉ. पुनीत दहिया, डीडीए बलदेव सिंह, डॉ. शैलेंद्र, अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

