प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन की शुरुआत करने के साथ ही हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के लिए 26,800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का तोहफा देंगे। इस यात्रा के दौरान वे जींद, चंडीगढ़ और जालंधर में विभिन्न रेल, स्वास्थ्य तथा सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे।

चंडीगढ़। उत्तर भारत के विकास को नई रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को 26 हजार 800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात सौंपने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन की शुरुआत भी होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, जींद से हरियाणा के लिए 14 हजार 700 करोड़, चंडीगढ़ से 6600 करोड़ और जालंधर के माध्यम से पंजाब के लिए 5470 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारत की इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन की झलकियां भी साझा की हैं।

पहली हाइड्रोजन ट्रेन

प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह 11 बजे सबसे पहले हरियाणा के जींद पहुंचेंगे। यहां वे जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर देश की प्रथम हाइड्रोजन ईंधन संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस तकनीकी शुरुआत के साथ ही भारत विश्व के उन गिने-चुने देशों की कतार में आ खड़ा होगा जहां पर्यावरण अनुकूल हाइड्रोजन ट्रेनें पटरियों पर दौड़ रही हैं। इसके बाद जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में वे कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।

जींद से प्रस्थान कर प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:45 बजे संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ पहुंचेंगे। वहां वे स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और परिवहन से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे पंजाब के जालंधर के लिए रवाना होंगे, जहां बुनियादी रेल व सड़क परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। इसी क्रम में वे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 20 अलग-अलग राज्यों में आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस किए गए 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन भी करेंगे।

एक्सप्रेसवे और हाईवे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे में करीब 12 हजार 470 करोड़ रुपये लागत की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हरियाणा की धरती से करेंगे। वे 9680 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए 157.92 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 से 5) को देश को समर्पित करेंगे। इस नए मार्ग के चालू हो जाने से दिल्ली से कटरा का सफर 14 घंटे से घटकर महज 6 घंटे और दिल्ली से अमृतसर की दूरी 8 घंटे से कम होकर केवल 4 घंटे की रह जाएगी।

इसके अतिरिक्त, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले 33.81 किलोमीटर लंबे चार मार्गी अंबाला-कालाअंब हाईवे (एनएच-7 और एनएच-344) का उद्घाटन भी किया जाएगा। साथ ही, 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाईवे (एनएच-352ए) के खुलने से दोनों शहरों के बीच का सफर दो घंटे की बजाय सिर्फ 40 मिनट में पूरा हो सकेगा, जिससे रोहतक, पानीपत और दिल्ली-एनसीआर का सफर सुगम होगा।

संग्रहालय और अस्पताल

इस दौरे में 24.27 किलोमीटर लंबे हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जाएगी, जिसके तहत वर्तमान मार्ग को दो से चार लेन में बदला जाएगा। प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में नवनिर्मित एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को राष्ट्र को सौंपने के बाद उमरी में एक नए सिख संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे। चिकित्सा क्षेत्र में विस्तार करते हुए भिवानी में पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज तथा कोरियावास (नारनौल) में महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज एवं राव तुलाराम अस्पताल का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में एमबीबीएस सीटों की बढ़ोतरी होगी।

स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार

चंडीगढ़ में 6600 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के तहत पीजीआईएमईआर (PGIMER) में ‘एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर’ और ‘एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर’ का उद्घाटन होगा। 300 बिस्तरों की क्षमता वाला मातृत्व एवं शिशु केंद्र गंभीर बीमार बच्चों और उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज देगा, जबकि न्यूरोसाइंसेज सेंटर में तंत्रिका तंत्र की बीमारियों से जुड़ी जांच व सर्जरी एक ही छत के नीचे होगी। इसके साथ ही संस्थान में 150 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी होगा।

शिक्षा क्षेत्र के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) में रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल की नींव रखी जाएगी, जबकि कुरूटाइम बॉयज हॉस्टल, मेस और सेक्टर-46 के गवर्नमेंट कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक का उद्घाटन होगा। परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए आईटी सिटी से कुराली तक छह लेन वाले ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन और जीरकपुर ग्रीनफील्ड बाईपास समेत अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे के पीआर-7 स्पर की आधारशिला रखी जाएगी।

धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी

पंजाब के जालंधर में प्रधानमंत्री जिन 75 पुनर्विकसित स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे, उन्हें लगभग 1570 करोड़ रुपये की लागत से स्थानीय कला और धरोहर के रंग में आधुनिक सुविधाओं के साथ ढाला गया है। इसके साथ ही करीब 830 करोड़ रुपये से बनी दौलतपुर चौक-करटोली नई रेल लाइन का उद्घाटन होगा, जो पंजाब व हिमाचल के बीच रेल कनेक्टिविटी बढ़ाकर श्री आनंदपुर साहिब और माता चिंतपूर्णी जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा को आसान बनाएगी।

प्रधानमंत्री करटोली से अंबाला तथा अमृतसर (छेहरटा) से वाराणसी के बीच नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा 3070 करोड़ रुपये से अधिक की रोड प्रोजेक्ट्स के तहत दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का उद्घाटन और लुधियाना में 25.2 किलोमीटर लंबे छह लेन के दक्षिणी ग्रीनफील्ड बाईपास की नींव रखी जाएगी, जिससे लुधियाना से बठिंडा के बीच यात्रा समय घटेगा।