कुंदन कुमार/पटना। शहर की सड़कों पर इन दिनों पोस्टरबाजी का दौर जोरों पर है। हाल ही में राजधानी की प्रमुख सड़कों पर लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस पोस्टर में चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्हें धंसुराज कहकर संबोधित किया गया है।
पोस्टर का तीखा संदेश
पोस्टर में इस्तेमाल की गई भाषा काफी आक्रामक है। इसमें बड़े अक्षरों में लिखा गया है के.सी. सिन्हा तो बस एक झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। यह पोस्टर सीधे तौर पर प्रशांत किशोर के बिहार में चल रहे जन सुराज अभियान और उससे जुड़े चेहरों को चुनौती दे रहा है। पोस्टर का लहजा न केवल व्यंग्यात्मक है, बल्कि यह आगामी चुनावों को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है।
क्या है इसके पीछे की राजनीति?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर विपक्ष या प्रशांत किशोर के आलोचकों द्वारा फैलाया जा रहा एक प्रोपेगेंडा हो सकता है। के.सी. सिन्हा का उल्लेख कर पोस्टर बनाने वालों ने एक विशेष वर्ग को निशाना बनाने की कोशिश की है। वहीं जमानत जब्त जैसे शब्दों का प्रयोग करके यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि बिहार की जनता जन सुराज के दावों को गंभीरता से नहीं ले रही है।

