कुंदन कुमार/पटना। पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में पिछले 24 घंटों से जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। डॉक्टरों के काम पर लौटने से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर लौट आई है जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर बनी सहमति
जूनियर डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कल से ही कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया था। डॉक्टरों की मुख्य मांग राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से सीधी वार्ता करने की थी। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाई और आज स्वास्थ्य मंत्री ने जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया।
मंत्री निशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार डॉक्टरों की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने घोषणा की कि विभाग ने स्टाइपेंड (भत्ता) में वृद्धि की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
मरीजों को मिली राहत
हड़ताल के कारण बीते एक दिन में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं पर भारी दबाव देखा गया था। जूनियर डॉक्टरों के काम पर लौटने के बाद अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि वे जनहित और मरीजों की सेवा को प्राथमिकता देते हैं इसलिए सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ली गई है।
आगे की राह
स्वास्थ्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि स्टाइपेंड बढ़ोतरी के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए तेजी से भेजा जाएगा। वहीं जूनियर डॉक्टरों की एसोसिएशन ने कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे पुन: विचार करने को मजबूर होंगे। फिलहाल PMCH में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और सभी सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।

