विनोद सैनी, हिसार। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद बड़ा फैसला सामने आया है। नहरी पानी और मुआवजा राशि को लेकर 2 दिनों से चल रहा धरना अब स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने यह कदम उठाया है। हालांकि इससे पहले गुस्से में आए किसानों ने मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।

दरअसल जिले की नहरों में पूरा पानी देने और बिजली लाइनों के मुआवजे जैसी समस्याओं को लेकर किसान लगातार आवाज उठा रहे थे। इस सिलसिले में किसान प्रतिनिधियों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में किसानों ने अपनी मुख्य मांगें सामने रखीं।

इस्तीफे और मुआवजे पर बड़ा फैसला

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खेतों में बिजली के टावर लगाने से पहले किसानों को उनका पूरा मुआवजा दिया जाएगा। बिना मुआवजा दिए कोई काम शुरू नहीं होगा। इसके अलावा खाद की कालाबाजारी करने वालों के लाइसेंस रद्द करने और बैंक की गलती से फंसे फसल बीमा का क्लेम दिलाने पर भी सहमति बनी है।

सिंचाई मंत्री से होगी मुलाकात

नहरों में पानी की सप्लाई और बरवाला ब्रांच की क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला सरकार के स्तर पर होना है। इसके लिए जल्द ही सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के साथ किसानों की सीधी बातचीत कराई जाएगी। किसानों ने साफ कहा है कि वे 1 सप्ताह का इंतजार करेंगे। अगर समाधान नहीं हुआ तो वे मंत्री के आवास के बाहर बड़ा आंदोलन करेंगे।

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