PoK Protest: पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) के खिलाफ लोगों ने खुली बगावत छेड़ दी है। पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सरकार विरोधी आंदोलन के 24वें दिन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। इस दौरान लोगों ने ‘हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है’ का नारा लगाया। JAAC प्रमुख सरदार अमन खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सेना ने ही कश्मीरियों को हथियार दिए थे, लेकिन अब उन्हें आतंकवादी कहा जा रहा है।

इधर पीओके के आंदलोन को कुचलने के लिए पाकिस्तान सेना ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। पाकिस्तान सेना ने ₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार कर लिया है। जबकि JAAC के 600 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया है।

 गुरुवार को आंदोलन के 24वें दिन रावलकोट के ईदगाह मैदान में करीब 80 हजार लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपने अधिकारों की मांग दोहराई। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख सरदार अमन खान ने रैली को संबोधित करते हुए पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों को हथियार और गोला-बारूद पाकिस्तान सेना ने ही दिए थे, लेकिन अब वही लोग उन्हें आतंकवादी कह रहे हैं। वहीं JAAC नेता ने कहा कि हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, आपको हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।

महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब पाकिस्तान से आजादी का मुद्दा बना

बता दें कि आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप ले चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलकोट और मीरपुर के लोगों को ‘असल कश्मीरी नहीं’ बताया था। इसके बाद विरोध और बढ़ गया।  अमन खान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों को जल्द नहीं माना तो आंदोलन केवल सुधारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान से पूरी तरह अलग होने की मांग तक पहुंच सकता है।ॉ

भारत से संवाद की उठी बात
रैली में कुछ वक्ताओं ने पाकिस्तान के नियंत्रण को खारिज करते हुए भारत के साथ बातचीत बढ़ाने की जरूरत भी बताई। अमन खान ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है और इस क्षेत्र की जरूरत पाकिस्तान को ज्यादा है, न कि यहां के लोगों को।

विदेशों तक पहुंचा आंदोलन
पीओके के इस आंदोलन को विदेशों में रहने वाले लोगों का भी समर्थन मिल रहा है। कई देशों में पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए गए हैं। इससे यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। हालांकि, इन दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

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