झारखंड के खूंटी जिले में रविवार सुबह पुलिस और प्रतिबंधित संगठन PLFI के एक उग्रवादी के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में घायल उग्रवादी की पहचान पीएलएफआई कमांडर श्रवण दास के रूप में हुई है. उसे इलाज के लिए रिम्स भेजा गया है. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद हथियार बरामदगी के लिए ले जाए जाने के दौरान श्रवण दास ने एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी.
कुछ उग्रवादियों के गिरफ्तार होने की भी सूचना है. उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. घटना स्थल से चार छोटे हथियार और 29 गोली बरामद किया गया.
झारखंड के खूंटी जिले में रविवार सुबह सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में पीएलएफआई उग्रवादी संगठन का श्रवण दास घायल हो गया. रविवार को सुबह-सुबह अंधेरे का फायदा उठाकर पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने एक एस आई का पिस्टल छीनकर गोली चलातें हुए भगाने का प्रयास करने लगा.
जानकारी के अनुसार, खूंटी पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि PLFI का सक्रिय कमांडर श्रवण दास कर्रा थाना क्षेत्र में गतिविधियां करते हुए दिखाई दिया है. पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तोरपा, कर्रा, जरियागढ़ सहित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बने श्रवण दास को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया गया था.
छापामारी दल द्वारा सात उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को छोटा हथियार, गोली, डायरी और PLFI पर्चा मिला था. पकड़े गए उग्रवादियों में सामु ढोढराय, सुदर्षन सोय, सलीम बोदरा, हर्षित गुड़िया, उमर खान, अलियास नील खान और विष्णु मांझी शामिल हैं.
आरोपितों के पास से पुलिस ने हथियार और कारतूस भी बरामद किए थे. श्रवण दास ने इंदवन में अतिरिक्त हथियार और गोली छिपाकर रखने का अपराध स्वीकार किया था. एसपी ने बताया कि अब तक कुल चार छोटे हथियार, 29 कारतूस, पीएलएफआइ के पर्चे तथा एक महत्वपूर्ण डायरी बरामद की गई है. जानकारी के अनुसार श्रवण दास के खिलाफ रेलवे निर्माण स्थलों पर गोलीबारी, आगजनी, रंगदारी वसूली सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं. वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और चकमा देकर फरार हो जा रहा था.
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