वीरेंद्र कुमार, नालंदा। NEET पेपर लीक मामले में अब जांच की आंच बिहार के नालंदा जिले में पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान यानी VIMS तक पहुंच गई है। आज बुधवार को पावापुरी ओपी पुलिस की विशेष टीम ने मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में छापेमारी कर फरार आरोपियों के कमरों की गहन तलाशी ली, जिससे पूरे कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।
मुख्य सरगना के कमरे की तलाशी
पुलिस ने सबसे पहले 2022 बैच के छात्र और इस पूरे सॉल्वर गैंग का मुख्य सरगना माने जा रहे उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू के हॉस्टल कमरा नंबर 502 को खंगाला। इसके बाद टीम 2024 बैच के छात्र अवधेश कुमार के कमरा नंबर 110 में पहुंची। उज्ज्वल फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जबकि उसका मौसेरा भाई अमन कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है।
कमरे से नहीं मिला कोई आपत्तिजनक सामान
VIMS के अधीक्षक डॉ. जैकी जमा ने बताया कि पुलिस अनुसंधान के उद्देश्य से कॉलेज आई थी। कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित टीम की मौजूदगी में दोनों कमरों की सघन तलाशी ली गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। हालांकि, काफी तलाश के बाद भी पुलिस को कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या NEET परीक्षा से जुड़ा पुख्ता सबूत नहीं मिला। कमरों से सिर्फ कॉलेज के ID कार्ड बरामद हुए हैं।
सबतू ठिकाने लगाने की आशंका
वहीं पावापुरी ओपी प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जांच का हिस्सा है। पुलिस को शक है कि फरार होने से पहले आरोपियों ने सबूत ठिकाने लगा दिए होंगे। फिलहाल पुलिस अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर रही है। ताकि इस सॉल्वर गैंग की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
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