राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर मचे सियासी घमासान और खुद के ‘लापता’ होने की खबरों के बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के इकलौते विधायक कमलेश्वर डोडियार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर एक बेहद आक्रामक और तीखी पोस्ट साझा करते हुए डोडियार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पत्ते अभी नहीं खोलने वाले हैं। इसके साथ ही उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपने आलोचकों और मीडिया के एक वर्ग पर सीधा निशाना साधा है।

18 जून को ही खुलेगा सस्पेंस

विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मुख्यधारा के मीडिया को संबोधित करते हुए दो-टूक शब्दों में लिखा- मेन स्ट्रीम मीडिया को सूचित करता हूँ कि राज्यसभा चुनाव के बारे में 18 जून को ही बताऊंगा कि मैंने वोट किसको दिया? और हां दल्लों और गल्लो के सवालों का जवाब नहीं दूँगा। हमें सुझाव देने वाले दल्लों को पहले पंच या पार्षद बनना चाहिए।

बड़ी खबरः कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर BJP की आपत्ति

क्यों मची थी सियासी हलचल?
दरअसल, राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए होने वाली वोटिंग से ठीक पहले कांग्रेस जहां अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए चार्टर्ड प्लेन से बेंगलुरु शिफ्ट कर रही है, वहीं अचानक यह खबर आई थी कि बाप (BAP) पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार का कुछ पता नहीं चल रहा है और उनके दोनों मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे हैं। इस खबर के बाद से ही मध्य प्रदेश की राजनीति में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे कि डोडियार किस खेमे में जा सकते हैं।

शब्दों के बाण से सियासी गलियारों में खलबली

डोडियार द्वारा अपनी पोस्ट में “दल्लों और गल्लो” जैसे कड़े और विवादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। डोडियार ने उन लोगों को भी आड़े हाथों लिया है जो इस समय उन्हें वोटिंग को लेकर मुफ्त की सलाह या सुझाव दे रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि सलाह देने वाले पहले जमीनी राजनीति समझें और पंच या पार्षद का चुनाव जीतकर दिखाएं।

विधायकों की शिफ्टिंग पर जीतू पटवारी ने साधी चुप्पी: भाजपा पर साधा निशाना, बोले- हारने के लिए ओबीसी

18 जून पर टिकी सबकी नजरें

कमलेश्वर डोडियार के इस कड़े रुख के बाद अब यह साफ हो गया है कि वे राज्यसभा चुनाव में किसे वोट देंगे, इसका सस्पेंस 18 जून को वोटिंग के दिन ही खत्म होगा। चूंकि राज्यसभा चुनाव में एक-एक वोट की कीमत बहुत ज्यादा है, इसलिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अंतिम समय तक डोडियार के रुख को भांपने की कोशिश में जुटे रहेंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m