शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश बोर्ड के पाठ्यक्रम में साधुओं को ढोंगी बताने पर संत समिति भड़क गई। मध्य प्रदेश अखिल भारतीय संत समिति के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिल आनंद ने इस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सिलेबस तैयार करने वाला कोई विधर्मी व्यक्ति होगा। अगर आप बाबाओं पर प्रहार करेंगे तो यह सनातन धर्म पर भी प्रहार होगा।
‘हिंदू की सही औलाद होते तो यह काम नहीं करते’
उन्होंने कहा कि “यहां कई ताकत काम कर रही है। विदेशी ताकतें और कई इस्लामी ताकत और कई अधार्मिक लोग हिंदू सनातन धर्म को बदनाम करके और उनको कटघरे में खड़े करने की कोशिश करते हैं। बाबा ढोंगी होते हैं…ऐसी बात करने वाले तुम्हें शर्म आना चाहिए। अगर तुम हिंदू की सही औलाद होते तो यह काम नहीं करते।”
कार्रवाई की मांग
स्वामी अनिल आनंद ने भारत सरकार से और मध्य प्रदेश सरकार से सिलेबस तैयार करने वाले पर कार्रवाई का अनुरोध किया है। उन्होंने सिलेबस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की भी मांग की है।
शब्दों के साथ सम्मान करना चाहिए: कांग्रेस
इस मामले में कांग्रेस समस्त प्रकोष्ठ प्रमुख जेपी धनोपिया ने कहा कि हमेशा शब्दों के साथ सम्मान करना चाहिए। साधु हो या बाबा, हमारे समाज में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनकी प्रतिष्ठा के खिलाफ ऐसा होना गलत है। बीजेपी की सरकार को देखना चाहिए। एक समाज में अच्छा मैसेज नहीं जाता है। जिन लोगों की आस्था धाम के प्रति होती है वह भी महसूस करते हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे शब्दों का प्रयोग ना हो।
जिम्मेदार पर होगी कार्रवाई: बीजेपी
पाठ्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बाद भाजपा ने इस पर कार्रवाई की बात कही है। प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है। इस तरह की चूक के लिए जो भी जिम्मेदार है, उनके ऊपर कार्यवाही की जाएगी। सनातन धर्म का कोई भी अनादर करेगा और हमारी नई पीढ़ी को इस तरह का पाठ्यक्रम सिखाया जाएगा तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में मंत्री द्वारा संज्ञान लिया गया है और तत्काल जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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