ब्यूरो रिपोर्ट, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देशभर के लगभग 50 आईएएस और आईपीएस अफसरों ने एक ही दिन सामूहिक रूप से जमीन खरीदी है। इस निवेश का खुलासा मध्य प्रदेश के आईएएस अफसरों के अचल संपत्ति विवरण (IPR) की जांच में हुआ है। बताया जा रहा है कि किसी ने खुद के नाम तो किसी ने परिजन के नाम पर जमीन खरीदी है। वहीं इसे लेकर अब सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर करारा प्रहार किया है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि पेपर लीक हुआ, अब प्रोजेक्ट लीक हुआ है, कि प्रोजेक्ट आने से पहले वहां जमीनें खरीद लो। उसकी कीमतें बढ़ जाएं फिर मुनाफा कमा लो। उन्होंने कहा कि ये कोई संयोग तो हो नहीं सकता कि 50 आईएएस-आईपीएस एक साथ जमीन खरीदें और वहां से हाइवे निकल जाए। फिर उस जमीन की कीमत 10-20 गुना हो जाए।
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कांग्रेस का आरोप- इन अफसरों ने खरीदी जमीन!
कांग्रेस का आरोप है कि, निशीथ मिश्रा (संयुक्त पुलिस आयुक्त (EOW) मुंबई), IAS चाहत वाजपेयी (तेलंगाना करीमनगर नगर निगम नगर आयुक्त), अंशु सिंगला (एसपी/भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो, हरियाणा), IAS रजनी सिंह (नरसिंहपुर कलेक्टर), IPS यांगचेन डोलकर भूटिया (शिवपुरी SP), IAS मयंक अग्रवाल (प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन), IAS जयति सिंह (बड़वानी कलेक्टर), पूर्व IPS अभिषेक तिवारी, IAS साकेत मालवीय (अशोक नगर), IAS प्रवीण सिंह अढ़ायच (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर) इन अफसरों के नाम जमीन की रजिस्ट्री होने की है जानकारी आई है।
CBI जांच की मांग
वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण धौलपुर ने कहा कि प्रदेश में जमीनों को लेकर बंदरबांट चल रही है। सत्ता के अहंकार में सरकार और सरकार के मंत्री ही अधिकारियों को उपकृत कर रहे हैं। यह सरकार के मंत्री सरकार की जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की मिली भगत है। एमपी में अधिकारी भी बीजेपी की लाइन पर ही काम करते हैं। यह पूरा खेल ही काली कमाई का है। भ्रष्टाचार का पैसा है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता प्रवीण ने कहा कि सीबीआई की जांच होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी होगा। इसमें सीधे तौर पर सरकार के मंत्रियों के हाथ है, हाईवे के पास की जमीन खरीदी गई है।
गौरतलब है कि भोपाल के कोलार इलाके में 4 अप्रैल 2022 को 2.023 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री हुई। रजिस्ट्री एक दस्तावेज में की गई। इसमें 50 लोगों ने संयुक्त रूप से खरीदी जमीन है। रजिस्ट्री में कीमत 5.5 करोड़ दर्ज बताई गई। जबकि बाजार मूल्य 7.78 करोड़ बताया गया है। मौजूदा अलाइनमेंट के अनुसार, बायपास इस जमीन से 500 मीटर दूर है। जून 2024 बायपास के 10 माह बाद लैंड यूज बदल गया। बताया जा रहा है कि जिन्होंने जमीन खरीदी हैं, वे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और हरियाणा कैडर के अफसर है। कई अधिकारी दिल्ली में पदस्थ हैं।











