संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी भोपाल के आरजीपीवी (RGPV) को प्रदेश के तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत मध्यभारत, मालवा और महाकौशल में अलग-अलग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में लाया जा सकता है। इसी बीच इस पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
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ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा
पीसी शर्मा का कहना है कि बीजेपी सरकार आने के बाद से नाम बदलने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने साफ कहा है कि विश्वविद्यालय का नाम राजीव गांधी के नाम से ही रहेगा, और अगर नाम हटाने की कोशिश की गई तो पूरे प्रदेश में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पीसी शर्मा ने यहां तक चेतावनी दी है कि अगर नाम बदला तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा।
शास्त्री-बोस जैसे महापुरुषों को भुला दिया
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नाम बदलने को लेकर बीजेपी प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा- तकनीकी और इंजीनियरिंग शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत और प्रक्रियागत समीक्षा कर रही है। छात्रों, शिक्षकों, अध्ययन-अध्यापन और शोध की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले होंगे। समय की जरूरत के हिसाब से जो जरूरी होगा, सरकार करेगी। कांग्रेस में 900 से ज्यादा योजनाएं एक ही खानदान के नाम पर रहीं है। महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे महापुरुषों को भी भुला दिया गया।


