कुंदन कुमार, पटना। प्रशांत किशोर ने हाल ही में सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार को छात्रों और किसानों की सभी जायज मांगों को तुरंत पूरा करना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र की असली ताकत यही है कि आज आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने से पहले पुलिस प्रशासन को भी कई बार सोचना पड़ता है।
किसानों को बरगलाने और ठगने का गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं और वादों के नाम पर बरगला रही है। उनका दावा है कि सैटेलाइट सिटी के निर्माण के नाम पर किसानों को ठगने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार के पास किसानों की जमीन खरीदने के लिए पर्याप्त बजट और वित्तीय संसाधन ही नहीं हैं, तो ऐसे में नए कानून क्यों बनाए जा रहे हैं? इन नए कानूनों और नियमों के कारण साधारण और गरीब किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सरकार को किसानों और छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी कदम उठाने चाहिए, ताकि आम जनता का विश्वास बना रहा सके और उनकी समस्याओं का उचित समाधान निकल सके।


