प्रयागराज. प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर मनौरी इलाके में सोमवार (31 अगस्त 2026) दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा. धमाका इतना जोरदार था कि पूरी फैक्ट्री जमींदोज हो गई और आसपास के 5 से 7 मकान भी क्षतिग्रस्त होकर ढह गए. हादसे के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और काफी देर तक पटाखों के धमाके होते रहे. अब तक 5 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 15 लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है.

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25 मजदूर कर रहे थे काम, अचानक हुआ जोरदार धमाका

जानकारी के मुताबिक हादसा सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ. उस समय फैक्ट्री में लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे. अचानक हुए विस्फोट के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. धमाके की आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. कुछ ही देर में फैक्ट्री से धुएं का बड़ा गुबार उठने लगा, जिसने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. विस्फोट के बाद पटाखों के कारण लगातार छोटे-बड़े धमाके होते रहे, जिससे राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आईं.

फैक्ट्री के आसपास कई मकान भी ढहे

विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के आसपास मौजूद 5 से 7 मकान भी टूट गए. कई लोग मलबे में दब गए. घटना के बाद स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे. हादसे के सामने आए वीडियो में कुछ लोग झुलसे हुए लोगों को चारपाई पर लेकर भागते दिखाई दे रहे हैं. वहीं कई घायल जमीन पर पड़े नजर आए. मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल है.

पुलिस और एयरफोर्स की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

पटाखा फैक्ट्री मनौरी में एयरफोर्स स्टेशन के बेहद करीब बताई जा रही है. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एयरफोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री में लगी आग पूरी तरह बुझने और मलबा हटाने के बाद ही नुकसान की सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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बची लड़की बोली- सिर्फ मैं बाहर निकल पाई

हादसे में बची एक लड़की ने घटना की भयावहता बताई. उसने कहा, “घर में मैं, मेरा छोटा भाई और मम्मी थीं. सिर्फ मैं ही बाहर निकल पाई. बाकी सभी उसी में दब गए.” लड़की के बयान से हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है. फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. राहत एवं बचाव टीमों के साथ स्थानीय लोग भी अभियान में जुटे हैं.