प्रदेश के 31,130 पंजीकृत पीआरडी जवानों के लिए मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई घोषणाएं करेंगे. कार्यक्रम में वर्दी भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और पीआरडी परिवार कल्याण योजना से जुड़ी सौगात प्रस्तावित है.
सतीश सिंह, लखनऊ. प्रदेश के 31 हजार से ज्यादा पीआरडी जवानों के लिए मंगलवार का दिन खास होने वाला है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में प्रस्तावित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में कई बड़ी घोषणाएं और सौगात देंगे. इनमें जवानों के खातों में 3,000 रुपये वर्दी भत्ता की धनराशि भेजने का भी प्रस्ताव है.
वर्तमान में प्रदेश के सभी जिलों में विकासखंड स्तर पर 821 ग्रामीण कंपनियां गठित हैं. विभागीय पोर्टल पर 31,130 पीआरडी जवान पंजीकृत हैं. इनमें करीब 2,500 महिला स्वयंसेवक हैं.
वहीं 29 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक इस समय कार्यरत हैं, जिनमें करीब 2,000 महिलाएं शामिल हैं. इसके साथ ही सरकार ने पहली बार प्रदेश के 11 बड़े शहरों में शहरी पीआरडी कंपनी बनाने का प्रावधान भी किया है.
इन शहरों में लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर, बरेली, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं.
कैशलेस चिकित्सा सुविधा
मंगलवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड भी वितरित करेंगे. इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री पीआरडी परिवार कल्याण योजना’ की शुरुआत की जाएगी.
कार्यक्रम के दौरान ही मुख्यमंत्री रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी करेंगे.
395 से 500 हुआ भत्ता
पीआरडी जवानों के ड्यूटी भत्ते में भी योगी सरकार पहले बढ़ोतरी कर चुकी है. पहले स्वयंसेवकों को रोजाना 395 रुपये ड्यूटी भत्ता मिलता था, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया.
अब वर्दी भत्ते की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके साथ कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से जवानों को इलाज के खर्च की चिंता से राहत मिलने की उम्मीद है.
1948 में स्थापना
पीआरडी की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी. इसके जवान पुलिस के साथ मिलकर थानों और यातायात व्यवस्था में सहयोग करते हैं.
इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, धार्मिक स्थलों और बड़े आयोजनों में भी इनकी ड्यूटी लगाई जाती है.


