शब्बीर अहमद, भोपाल। उत्तराखंड के बाद अब मध्यप्रदेश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। सूबे में यूसीसी लागू करने के लिए गठित विशेष कमेटी को आम जनता और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने के लिए दी गई समय-सीमा अब समाप्त हो गई है।
अब सीधे कमेटी करेगी सुझावों का रिव्यू
निर्धारित की गई 15 दिनों की अवधि में समाज के हर वर्ग से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। समय-सीमा खत्म होने के बाद अब नए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यूसीसी के ड्राफ्ट से जुड़ी गाइडलाइंस और मिले हुए सभी सुझाव अब सीधे कमेटी के पास विचार-विमर्श के लिए भेज दिए गए हैं। जल्द ही कमेटी इन सभी सुझावों का गहराई से रिव्यू (समीक्षा) शुरू करेगी।
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9 बिंदुओं पर आधारित होगा ड्राफ्ट, 60 दिन का समय
इस महत्वपूर्ण कानून का खाका तैयार करने के लिए कमेटी को 60 दिनों का समय दिया गया है। यह पूरा ड्राफ्ट मुख्य रूप से नौ (9) प्रमुख बिंदुओं पर आधारित होगा। कमेटी इन 60 दिनों के भीतर सभी कानूनी और सामाजिक पहलुओं को शामिल करते हुए अपनी अंतिम रिपोर्ट और ड्राफ्ट मध्य प्रदेश सरकार को सौंपेगी।
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अगस्त में आ सकता है कानून
सूत्रों के मुताबिक, कमेटी से ड्राफ्ट मिलने के बाद अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश सरकार इसे कैबिनेट की मंजूरी दिलाकर विधानसभा में पेश कर सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी मानसून सत्र के दौरान ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का ड्राफ्ट विधानसभा से पास करा लिया जाएगा। इस कानून के लागू होने से प्रदेश में विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू हो जाएंगे। कमेटी के इस आगामी रिव्यू पर अब पूरे प्रदेश की सियासी और सामाजिक नजरें टिकी हुई हैं।


