कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को ग्वालियर के दौरे पर आ रही है। वे एक विशेष ट्रांजिट विजिट के तहत शहर पहुंचेंगी, जहां से वे सीधे श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी। महामहिम के इस बेहद महत्वपूर्ण वीवीआईपी (VVIP) दौरे को लेकर ग्वालियर और श्योपुर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। एयरफोर्स स्टेशन से लेकर कूनो नेशनल पार्क तक सुरक्षा एजेंसिया हाई अलर्ट पर हैं।
कूनो में चीतों का दीदार करेंगी महामहिम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट पर विशेष विमान से ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगी। यहां महज 10 मिनट रुकने के बाद वे हेलीकॉप्टर से श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना होंगी और दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर वहां पहुंचेंगी। कूनो में राष्ट्रपति चीतों की सुरक्षा, उनकी मॉनिटरिंग, देखरेख और चीता प्रोजेक्ट की प्रगति की विस्तृत जानकारी लेंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए कूनो नेशनल पार्क के पीपलबावड़ी, अहेरा और टिकटोली प्रवेश द्वार 20 से 22 जून तक आम पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे।
सुरक्षा की फुल ड्रेस रिहर्सल, स्वागत सूची से कई नेताओं के नाम कटे
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर ग्वालियर में भी सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। जिसके बाद पूरे सुरक्षा प्लान की फुल ड्रेस रिहर्सल भी की गई, जिसमें करीब 1200 जवान तैनात रहें।
राष्ट्रपति से हवाई अड्डे पर मिलने वाले वीआईपी की सूची में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां 55 लोगों के नाम प्रस्तावित थे, वहीं अब सूची घटाकर सिर्फ 14 लोगों तक सीमित कर दी गई है। इनमें राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, प्रदेश के तीन मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर और पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। स्थानीय स्तर के अधिकांश नेताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
ग्वालियर में 5 किमी का दायरा ‘No Fly Zone’ घोषित
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन विमानतल और वीआईपी सर्किट हाउस मुरार के पांच किलोमीटर के दायरे को 20 जून दोपहर 2 बजे से 22 जून शाम 4 बजे तक ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित किया है। इस समय सीमा में ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश राष्ट्रपति की सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए नागर विमानन मंत्रालय के ड्रोन नियमों के तहत जारी किया गया है।

