पश्चिम बंगाल में चुनावों के बाद TMC के नेताओं पर अंडा फेंकने की घटनाओं पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी की डिवीजन बेंच ने तृणमूल कांग्रेस की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य पुलिस को यह निर्देश दिया. कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य को उस मामले में अंडे फेंकने से रोकने के लिए गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया है.
पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी नेताओं को निशाना बनाकर की जा रही अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है.
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह राज्य में संपन्न विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद से राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपे.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर बड़े पैमाने पर अंडा से हमला करने की घटनाएं सामने आयी हैं. इससे जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट कहा कि हिरासत में मौजूद आरोपी की जान और सम्मान की रक्षा करना राज्य की ज़िम्मेदारी है.
हाईकोर्ट के जस्टिस तापब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को ऐसी घटनाओं के संबंध में दर्ज FIR की संख्या के बारे में भी जानकारी देने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार से ऐसे लोगों पर रोक लगाने को कहा है.
मंगलवार को केस की सुनवाई के दौरान एक्टिंग चीफ जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती ने राज्य से कहा, हमें सामाजिक जागरूकता फैलानी होगी. बेंच ने राज्य सरकार को ऐसी घटनाओं के संबंध में दर्ज FIR की संख्या के बारे में भी जानकारी देने का निर्देश दिया है.
अंडा फेंकने की घटनाओं की शुरुआत कालीघाट तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से हुई थी. फिर यही घटना राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तृणमूल नेताओं के साथ हुई. सब्यसाची दत्ता पर तो कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय अंडे फेंके गए. बेलेघाटा के विधायक कुणाल घोष पर भी अंडे फेंके गए. इस घटना को लेकर भी कोर्ट में केस किया गया.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

