भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोकसेवा गारंटी अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। नए प्रावधानों के तहत अब तय समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर पेनल्टी लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी।

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सरकार के नए फैसले के अनुसार यदि किसी आवेदन का निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटारा नहीं होता है, तो समयसीमा समाप्त होने के बाद 16वें दिन अपील अधिकारी स्वतः संज्ञान लेकर मामले की समीक्षा करेंगे। इसके लिए अब आवेदक द्वारा अपील करना अनिवार्य नहीं होगा। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए लोकसेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े ऑनलाइन पोर्टल में भी आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। 

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संशोधित प्रणाली के तहत समयसीमा पार करने वाले सभी लंबित प्रकरण स्वतः चिन्हित होंगे और उनकी समीक्षा की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक देरी रोकना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलने की उम्मीद है, वहीं लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का रास्ता भी साफ होगा। सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से लोकसेवा गारंटी अधिनियम अधिक प्रभावी बनेगा और आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने तथा अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।

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