जालंधर. पंजाब बंद का असर अमृतसर, चंडीगढ़, पठानकोट, संगरूर, जालंधर समेत अन्य इलाकों में भी देखने को मिल है.जालंधर की बात करे तो शहर में बाजारी इलाके की बात करें तो यहां पर दुकानें और बाजार बंद है. शहर के कई मुख्य चौक, दुकानों और सड़कों को बंद कर दिया गया है. वहीं कौम इंसाफ मोर्चे की तरफ से गुरु नानक मिशन चौक, रामामंडी चौक पर धरना लगाया गया है. रास्ता बंद होने के बाद हाईवे पर खड़े ट्रक चालकों ने अपने वाहनों के आगे दूसरे वाहन भी खड़े कर दिए, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई. इस कारण नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हुआ है.

शहर के सभी इलाकों में बंद का असर दिखाई दिया है. जत्थेबंदियों का कहना है कि कौमी इंसाफ मोर्चा जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहा किया जाए. इससे ज्यादा गंभीर अपराध करने वालों को सरकार की तरफ से पैरोल दी जाती रही है पर बंदी सिंहों को पैरोल नहीं दी जा रही है. इसके अलावा जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई. बंद के बाद भी कुछ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जारी रही वही प्राइवेट स्कूल लगभग बंद नजर आए.

आपको बता दें कि बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, दवा की दुकानें और अन्य जरूरी आपात सेवाओं को छूट दी गई है. मरीजों, बुजुर्गों और जरूरी काम से जाने वाले लोगों को राहत देने की व्यवस्था रहेगी. स्कूल-कालेजों को लेकर पूरे पंजाब में एक समान बंद का आदेश होने की पुष्टि नहीं है