चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों आज (बुधवार) आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभालेंगे। वे सुबह 10 बजे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में पदभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित ‘कानून भवन’ में एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।
दिग्गज नेताओं का जुटेगा जमावड़ा
इस पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा के कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सीनियर नेता शामिल होने जा रहे हैं।
सौदान सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
तरुण चुघ (राष्ट्रीय महासचिव)
नरेंद्र सिंह रैना (राष्ट्रीय सचिव)
सुनील जाखड़ (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
समारोह में राज्यभर से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी पहुंच रहे हैं। पदभार संभालने के बाद ढिल्लों कार्यकर्ताओं के साथ पहली औपचारिक बैठक भी करेंगे।
बीजेपी के पहले ‘जट्ट सिख’ अध्यक्ष: नियुक्ति के साथ ही एक्टिव
केवल सिंह ढिल्लों पंजाब भाजपा के इतिहास में पहले ‘जट्ट सिख’ प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे पिछले दो दशकों से अधिक समय से पंजाब की सियासत में सक्रिय हैं।
कांग्रेसी पृष्ठभूमि: ढिल्लों लंबे समय तक कांग्रेस में रहे और विधायक भी रह चुके हैं। कॉर्पोरेट और उद्योग जगत में भी उनका बड़ा नाम है।
ग्राउंड पर सक्रियता: अध्यक्ष पद के लिए नाम का ऐलान होने के बाद से ही वे काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। पहले चरण में उन्होंने पंजाब भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात की और रणनीति पर चर्चा की।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाए सवाल, कहा- ‘यह सही चयन नहीं’
केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति पर उनके बेहद करीबी माने जाने वाले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कैप्टन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केवल ढिल्लों मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन पंजाब भाजपा अध्यक्ष के तौर पर वे सही पसंद नहीं हैं। सुनील जाखड़ की जगह ढिल्लों को लाना सही फैसला नहीं था। पार्टी को इस वक्त एक ऐसे नेता की जरूरत थी जो संगठन को गहराई से आगे ले जा सके। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस फैसले से खुद को पूरी तरह अलग करते हुए साफ किया कि उन्होंने आलाकमान से ढिल्लों के नाम की कोई सिफारिश नहीं की थी।
कांग्रेस का तंज: बीजेपी ने लीडरशिप ‘आउटसोर्स’ की
इस नियुक्ति को लेकर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी चुटकी ली है। राजा वडिंग ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के पास अपने कैडर में कोई योग्य नेता नहीं बचा है, इसीलिए वह पंजाब में लीडरशिप को आउटसोर्स करने पर मजबूर है। उन्होंने याद दिलाया कि यह लगातार दूसरी बार है जब किसी पूर्व कांग्रेसी को भाजपा ने पंजाब की कमान सौंपी है-पहले सुनील जाखड़ और अब केवल सिंह ढिल्लों।
- तेज रफ्तार कार का कहर: जोरदार टक्कर से हवा में उछले जनपद पंचायत CEO, नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
- Malviya Nagar Fire: मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत, CM सम्राट चौधरी ने जताया दुख
- ममता बनर्जी का बड़ा एक्शनः टीएमसी में फूट के बीच पार्टी की सभी कमेटियां, फ्रंटल आर्गनाइजेशन को तत्काल प्रभाव से भंग किया
- बराड़ा और अधोया क्षेत्र में अवैध पेयजल कनेक्शनों पर विभाग की सख्त कार्रवाई, विशेष जांच अभियान तेज
- रिटायर्ड बैंक कर्मी की खून से लथपथ मिली लाश: घर में नग्न शव देख खाना बनाने वाली महिला की कांप गई रुह, हत्या की आशंका

