जालंधर। पंजाब में खुद की बिजली जेनरेशन कैपेसिटी 14,500 मेगावाट है। जबकि गर्मी के 4 माह में इसके अतिरिक्त 3000 मेगावाट तक की जरूरत होती है। एसे में पावरकॉम प्रबंधन ने नई योजना को मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार पावरकॉम 1000 मेगावाट बिजली छोटे सोलर पावर प्लांटों से खरीदेगा।
खरीद के लिए लेटर (60-पीएसपीएल /मेगावाट एनआरएसई/सोलर/1000 /2026/ ईटी-9) जारी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पंजाब के अपने संसाधनों से बिजली पैदा करना और कोयले पर निर्भरता कम करना है। योजना के अनुसार पंजाब के अंदर प्राइवेट कंपनियां 2 2 से से 5 5 मेगावाट के छोटे सोलर प्रोजेक्ट स्थापित कर सकती हैं। उनसे पावरकॉम बिजली परचेज का एग्रीमेंट करेगा। ये प्लांट सीधे स्थानीय ग्रिड से जुड़ेंगे। सभी प्लांट पंजाब की सीमा के भीतर ही लगाए जाने अनिवार्य हैं। संबंधित बिजली जेनरेटर पहली अप्रैल तक पावरकॉम को अपनी बिड जमा करवा सकते हैं।

विभागीय जानकारों के अनुसार इन छोटे-छोटे सोलर प्लांट्स के लगने से ग्रामीण इलाकों में बिजली की सप्लाई सुधरेगी। चूंकि ये प्रोजेक्ट्स पूरे पंजाब में फैले होंगे, इसलिए स्थानीय स्तर पर टेक्निकल स्टाफ और लेबर के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। एक थर्मल प्लांट को बनाने में 3-4 साल लग जाते हैं। लेकिन सोलर पैनल सीधे ही फिट करके बिजली उत्पादन आरंभहो जाता है।
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