चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में एक बार फिर से सोशल मीडिया वॉर छिड़ गई है। आज मुख्यमंत्री भगवंत नाम ने राजा वड़िंग के रेहड़े पर वोट डालने जाने को लेकर तंज कसते हुए एक शायरी पोस्ट की थी, जिसपर अब राजा वड़िंग ने पलवार किया है। राजा ने उसी पोस्ट का जवाब देते हुए एक लंबी पंजाबी कविता पोस्ट की है।

कविता में उन्होंने बदलाव की राजनीति, पेट्रोल-डीजल के मुद्दे, भाजपा के साथ रिश्तों और सत्ता के लिए समझौते करने जैसे विषयों को शामिल किया है। राजा वड़िंग ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जो लोग बदलाव के नारे लगाते थे, अब केवल विज्ञापनों तक सीमित होकर रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भाजपा और महंगाई के खिलाफ आवाज उठाने वाले अब उसी पार्टी के सामने झुकते दिखाई दे रहे हैं।

कविता में उन्होंने यह भी कहा कि कुर्सी के लिए अपने ही रंग बदल दिए गए हैं। पोस्ट में धूरी में हुए मतदान का भी जिक्र किया गया। वड़िंग ने आरोप लगाया कि वोटों के दौरान भाजपा के सामने पुलिस की बेइज्जती करवाई गई। इसके अलावा उन्होंने कई बातों का जिक्र किया है…

“बुरे दिनों की निशानी”
राजा वड़िंग ने लिखा है,
जो लोग बदलाव के नारे लगाते थे, अब सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित होकर रह गए हैं।
जब भी हमने पेट्रोल-डीजल के मुद्दे पर भाजपा को घेरा,
तब आप बेवजह नाराज हो जाते थे।
देखो भाई बालिया, कुर्सी की खातिर
कैसे अपने ही रंग दिखा गए।
कल धूरी में वोटों के दौरान
आप भाजपा के सामने पुलिस की बेइज्जती करवा गए।
देखो भाई बालिया, वक्त के रंग भी अजीब हैं,

कुर्सी की खातिर

मान साहब कैसे मोदी और शाह के आगे सिर झुका गए। इस पोस्ट के शेयर करने के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पंजाब में राजनीति गलियारों में सीएम और राजा वड़िंग के पोस्ट की चर्चा जोरो पर है।