पुरी: विश्व प्रसिद्ध पवित्र रथयात्रा उत्सव के लिए श्रीक्षेत्र पुरी पूरी तरह से तैयार है. देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरी पुलिस और जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में दोपहिया, चार पहिया वाहनों और बसों के लिए अलग-अलग 30 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है.

पुरी के जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के निर्देशानुसार, सुगम यातायात प्रबंधन के लिए पुरी के ऐतिहासिक ‘बड़दांड’ को ‘नो व्हीकल जोन’ (वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र) घोषित किया गया है.

इन रास्तों पर वाहनों की आवाजाही रहेगी बंद

प्रशासन के मुताबिक, 16 जुलाई की मध्यरात्रि 12:00 बजे से लेकर 17 ⁠जुलाई की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक बड़ादांड पर किसी भी प्रकार के वाहनों के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा झारेश्वरी छक्का से अस्पताल क्रॉस रोड, जेल रोड से अस्पताल क्रॉसिंग रोड, वृषभ छक्का से श्रीमंदिर, सोलाखिया बरगछ छक्का से श्रीमंदिर, मोचीसाही छक्का से जगन्नाथ मंदिर और यात्रिका पार्किंग से दिगबारेणी छक्का तक सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा.

वाहनों के लिए ऐसी है पार्किंग व्यवस्था:

इस साल प्रशासन ने पार्किंग क्षमता को पिछले वर्ष (2025 में 5,630 वाहन क्षमता) से बढ़ाकर कुल 7,730 वाहनों तक कर दिया है.

चार पहिया वाहनों के लिए: कुल 22 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें से 18 आम जनता के लिए और 4 पास धारकों (VIP) के लिए आरक्षित हैं. पास धारकों के लिए जेबीपीसी, यात्रिका, लोकनाथ और नेल फील्ड में व्यवस्था है, जिसमें जगन्नाथ वल्लभ तीर्थ केंद्र में एक अतिरिक्त मंजिल भी शामिल है. वहीं बिना पास वाले वाहनों के लिए समंगा, एससीएस कॉलेज के पास, श्री सेतु, भूदान, जेल रोड और स्टर्लिंग छक्का के आसपास पार्किंग दी गई है.

दोपहिया वाहनों के लिए: करीब 15,000 बाइकों के लिए 4 प्रमुख स्थानों (माटीतोटा 1 व 2, पुराना जगन्नाथ वल्लभ मठ और ब्लू-फ्लैग नीलांचल अशोक) पर पार्किंग की व्यवस्था है.

बसों के लिए: मालतीपाटपुर, तालबनिया, स्वामी नारायण मंदिर और समंगा में 4 बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां एक साथ 750 बसें खड़ी हो सकती हैं.

AI और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

पुरी आने-जाने वाले वाहनों की सटीक गिनती के लिए इस बार पारंपरिक (मैनुअल) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए कुल 1,645 साइन बोर्ड (595 स्थायी और 1,050 अस्थायी) लगाए गए हैं. साथ ही हाईवे पर लाइव ट्रैफिक अपडेट देने के लिए एलईडी (LED) स्क्रीन लगाई गई हैं. इसके अलावा भुवनेश्वर के उत्तरा लिंगीपुर तक 2 मोबाइल एलईडी वैन भी गश्त करेंगी. भीड़ और सुरक्षा पर नजर रखने के लिए पुलिस 3 ड्रोन कैमरों और 224 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखेगी.