अमित पाण्डेय, खैरागढ़। खैरागढ़ नगर पालिका में एक बार फिर खरीदी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुरानी खरीदी का हिसाब और उपयोगिता स्पष्ट नहीं होने के बीच अब अलग-अलग वार्डों के लिए नई RCC-स्टील कुर्सियां, डेस्क-बेंच और LED लाइट खरीदने के प्रस्ताव बैठक में रखे जाने की तैयारी है।

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नगर पालिका में प्रस्तावित खरीदी के तहत वार्ड 1, 9 और 17 में डेस्क-बेंच, वार्ड 2 में LED लाइट तथा वार्ड 13 समेत अन्य वार्डों में RCC और स्टील कुर्सियों की खरीदी प्रस्तावित है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहले खरीदी गई कुर्सियों का क्या हुआ और उनका उपयोग कहां हो रहा है?

नगर पालिका की खरीदी पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2023 में करीब 37.73 लाख रुपए के जिम उपकरणों की खरीदी को लेकर शिकायत हुई थी। जांच रिपोर्ट में खरीदी प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन और भुगतान के बावजूद सामग्री की खरीदी नहीं होने जैसी गंभीर बातें सामने आई थी। मामले में तत्कालीन सीएमओ कुलदीप झा को निलंबित भी किया गया था।

इसके बाद RCC सीमेंट कुर्सियों की खरीदी को लेकर भी सवाल उठे। कुर्सियों की संख्या, उनकी उपलब्धता और उपयोग का विवाद सामने आया। इसी दौरान तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा का इस्तीफा भी विवादों में रहा। वर्मा ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए इसे फर्जी बताया था और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। बाद में इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।

अब 2026 में फिर नई खरीदी के प्रस्ताव सामने आने से पुराने मामलों की फाइलें चर्चा में हैं। खासकर तब, जब निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है। सवाल सिर्फ नई कुर्सियां खरीदने का नहीं, बल्कि पहले खरीदी गई सामग्री का हिसाब, उसका वास्तविक उपयोग और नई खरीदी की जरूरत का है।

नगर पालिका को यह स्पष्ट करना होगा कि पुरानी खरीदी में कितनी सामग्री आई, वह वर्तमान में कहां है और नई खरीदी की जरूरत किस आधार पर तय की गई है। वरना हर बार नई खरीदी की फाइल खुलने के साथ पुराने हिसाब पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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