हकिमुददीन नासिर, महासमुंद। नगर पालिका महासमुंद में नियमों के पालन को लेकर दोहरे मापदंड का मामला सामने आया है। एक ओर जहां नगर पालिका आम नागरिकों द्वारा नल कनेक्शन में मोटर पंप लगाने पर कार्रवाई करती है, वहीं दूसरी ओर शासकीय आंगनबाड़ी केंद्रों में खुद नगर पालिका द्वारा नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर पानी की व्यवस्था किए जाने का मामला उजागर हुआ है। अब सवाल उठ रहे कि आखिर जब नियम सबके लिए समान हैं तो यह अलग व्यवस्था क्यों?

महासमुंद नगर पालिका क्षेत्र के 30 वार्डों में करीब 80 हजार की आबादी निवास करती है। नगरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका ने घर-घर नल कनेक्शन दिए हैं और इसके एवज में जलकर भी वसूला जाता है। गर्मी के दिनों में पानी की कमी होने पर कई लोग नल कनेक्शन में मोटर पंप लगाकर पानी खींचते हैं, जिससे आसपास के घरों में जलापूर्ति प्रभावित होती है। इसी वजह से नगर पालिका समय-समय पर जांच कर ऐसे मोटर पंपों को जब्त करती है और संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन अब सवाल तब खड़े हो रहे हैं, जब कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में नगरपालिका द्वारा ही नल कनेक्शन पर मोटर पंप लगाकर पानी की आपूर्ति किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मोटर पंप नगर पालिका द्वारा ही लगाए गए हैं।

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अधिकारियों ने कहा – मामले की जांच कराई जाएगी

मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर पालिका प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं। दोनों विभागों के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि नगर पालिका क्षेत्र में कुल 58 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। फिलहाल दो केंद्रों में इस तरह की व्यवस्था सामने आई है, जबकि बाकी केंद्रों की स्थिति क्या है, यह जांच का विषय है। अब देखने वाली बात होगी कि नगरपालिका प्रशासन इस मामले में वास्तविक जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या फिर मामला केवल जांच की घोषणा तक ही सीमित रह जाता है।

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