कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी नेत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर आज भारी पुलिस बल की तैनाती से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। भवन निर्माण विभाग द्वारा आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
भवन निर्माण विभाग का आदेश और राबड़ी देवी का रुख
सूत्रों के अनुसार, भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक रूप से राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का निर्देश दिया है। हालांकि राबड़ी देवी ने इस आदेश को मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इसे लेकर वे पहले ही अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। इस गतिरोध के बीच आज पुलिस प्रशासन की बड़ी टीम ने आवास को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे वहां मौजूद समर्थकों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
पुलिस की दविश और बंद कमरों में बातचीत
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच आला अधिकारियों ने राबड़ी देवी के आवास के अंदर जाकर उनसे मुलाकात की। काफी देर तक चली बातचीत के दौरान अधिकारियों ने उन्हें बंगला खाली करने के लिए कहा। हालांकि चर्चा के बाद जब पुलिस पदाधिकारी बाहर निकले, तो उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए चुप्पी साधे रखी।
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट
पुलिस की यह कार्रवाई मात्र एक सामान्य प्रक्रिया नहीं लग रही है। जिस तरह की तैयारी और दविश पुलिस ने दिखाई है, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह बंगला प्रकरण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच का यह टकराव आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। फिलहाल आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। राबड़ी देवी का इस पर क्या अगला कदम होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस की बढ़ती सक्रियता से स्पष्ट है कि बंगला खाली कराने की प्रक्रिया को लेकर दबाव चरम पर है।

