NEET-CBSE के पेपर में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में मोदी सरकार की भारी किरकिरी हुई। विपक्ष लगातार अब भी इस मुद्दे पर सत्तापक्ष पर हमलावर है। इस बीच अचानक सरकार के लिए पैदा हुए रोष में राहुल गांधी को बड़ा मौका दिखा है। उन्होंने अपने साहियोगी दलों से कहा कि, देश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि देश में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आखिर कैसे हों। बैठक में सहयोगी दलों की ओर से कांग्रेस पर की जाने वाली आलोचनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव के विषपान वाले प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वह खुद सहयोगी दलों की हर आलोचना को मुस्कुराकर स्वीकार करेंगे।
“मेरा काम तो शैव परंपरा की तरह सब कुछ पी जाना है”
INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने सहयोगी दलों से कहा- “आज कांग्रेस पार्टी के बारे में जो बातें कही गईं, उनका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम तो शैव परंपरा की तरह सब कुछ पी जाना है। नीलकंठ (शिव) का विचार, जो सारा विष पी जाते हैं। आप और जो कुछ भी कहना चाहें, मुझ पर या कांग्रेस पार्टी पर जो भी आलोचना करना चाहें, हम उसे स्वीकार करेंगे, और खुशी-खुशी, चेहरे पर मुस्कान के साथ स्वीकार करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी भूमिका अलग है। हमारी भूमिका आप सभी को प्यार और स्नेह के साथ एक साथ लाना है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का संगठन भारत की अन्य सभी पार्टियों से मूल रूप से अलग है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत का अस्तित्व ही नहीं था।”
कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी
राहुल ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठकों में अक्सर निराशा का माहौल दिखाई देता है, लेकिन उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि अगर सभी दल साथ रहें तो भाजपा को हराना आसान है। INDIA ब्लॉक की सोमवार को बैठक हुई थी। शुक्रवार को राहुल ने 9 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी। उस चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी।
राहुल का आरोप- चुनावी संस्थाएं भाजपा के कंट्रोल में
उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले बहुत कम लोगों को भरोसा था कि भाजपा को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया। राहुल ने नेताओं से आग्रह किया कि वे जीत का विश्वास रखें और एकजुट होकर आगे बढ़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राज्य की कई संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा का कंट्रोल है, जिसके कारण विपक्ष को पहले जैसी समान राजनीतिक परिस्थितियां नहीं मिल रहीं।
राहुल ने दावा किया कि उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा है। कई विपक्षी नेता अब यह मानने लगे हैं कि उनके चुनावी नतीजों पर असर पड़ा।
मीडिया को मौका न देने की सलाह
राहुल ने कहा कि कुछ राजनीतिक घटनाओं, जैसे सहयोगी दलों के ब्लॉक छोड़ने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे आपसी लड़ाई से बचें और ऐसे बयान न दें, जिनसे विपक्ष की एकता पर सवाल उठें। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार यह धारणा बनाने की कोशिश करती है कि विपक्ष बिखरा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
उन्होंने कहा कि अगर सभी दल साथ खड़े रहें और विरोध की राजनीति करें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है। राहुल ने NEET, CBSE, भारत जोड़ो यात्रा और अन्य मुद्दों को जनता के बीच संघर्ष के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को हर दिन यह सोचना चाहिए कि जनता के मुद्दों पर सरकार का विरोध कैसे किया जाए।
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