पटना। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और लंबी वेटिंग लिस्ट की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मध्य रेल (ECR) की 300 से अधिक एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों में अब डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस योजना के तहत जनरल, स्लीपर और एसी-3 टियर इकोनॉमी कोचों को जरूरत के अनुसार शामिल किया जाएगा, जिससे प्रतिदिन लगभग 90 हजार अतिरिक्त यात्री अपनी मंजिल तक सुलभता से पहुंच सकेंगे।
अनिवार्य हुए जनरल कोच और मंत्रालय का मास्टर प्लान
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए चार जनरल कोच अनिवार्य कर दिए गए हैं। रेल मंत्रालय ने देश भर में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 5,000 नए कोच तैयार किए हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रेल मंडलों को आवंटित किया जा रहा है। विशेष रूप से उन ट्रेनों को प्राथमिकता दी जा रही है जो वर्तमान में 20 से 21 कोच के साथ चल रही हैं।
बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी का विस्तार
यात्रियों की सुविधा के लिए गाड़ी संख्या 15201/15202 बगहा-पाटलिपुत्र-बगहा मेमू इंटरसिटी एक्सप्रेस के स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह ट्रेन 12 कोच के बजाय 16 कोच के साथ पटरी पर उतरेगी। इस फैसले से उत्तर बिहार, विशेषकर चंपारण क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना तक के सफर में भीड़भाड़ से बड़ी राहत मिलेगी।
मार्च 2027 तक का लक्ष्य
रेलवे का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक पूर्व मध्य रेल की सभी चिन्हित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ दिए जाएं। अधिकारियों के मुताबिक, रेल मंत्रालय आगामी मार्च तक कुल 10,000 नए कोच तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। जैसे-जैसे कोचों की खेप प्राप्त होगी, उन्हें ट्रेनों में जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
सर्वे के आधार पर लगेंगे कोच
वर्तमान में दानापुर, समस्तीपुर, धनबाद, डीडीयू और सोनपुर रेल मंडलों में जनरल कोचों की संख्या का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। पटना और दानापुर मंडल से गुजरने वाली करीब 50 प्रमुख ट्रेनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर, जिस ट्रेन में एसी या स्लीपर की कमी होगी, वहां उसी श्रेणी की बोगी लगाई जाएगी। इस पहल के बाद एक ट्रेन में 150 से 400 अतिरिक्त यात्री आसानी से सफर कर पाएंगे।
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