Rajasthan AQI Today: राजस्थान में हवा की हालत तेजी से बिगड़ रही है. शनिवार सुबह जारी CPCB के ताजा अपडेट बताते हैं कि करीब 20 शहर खराब से लेकर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गए हैं. सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति भिवाड़ी की है, जहां AQI 300 के पार 304 दर्ज हुआ. यह स्तर सीधे बहुत खराब श्रेणी में आता है और लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से गंभीर सांस संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं.

भिवाड़ी में खतरे की घंटी
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पहले से ही चरम पर है और अब उसी धुएं और औद्योगिक उत्सर्जन का असर राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच रहा है. भिवाड़ी एक बड़ा औद्योगिक केंद्र है, इसलिए यहां प्रदूषण और तेजी से चढ़ रहा है.
इन 20 शहरों की हवा खराब
CPCB के मुताबिक राजस्थान के जिन शहरों में हवा खराब या बहुत खराब श्रेणी में पहुंची है, उनकी सूची इस तरह है:
- भिवाड़ी 304
- कोटा 285
- जालोर 284
- सीकर 274
- झालावाड़ 271
- झुंझुनूं 263
- टोंक 263
- डूंगरपुर 249
- पाली 242
- जैसलमेर 239
- चूरू 235
- नागौर 230
- सिरोही 222
- बूंदी 219
- जयपुर 218
- श्रीगंगानगर 216
- जोधपुर 214
- बीकानेर 213
- चित्तौड़गढ़ 203
- राजसमंद 201
राजधानी जयपुर भी 218 AQI के साथ खराब श्रेणी में है. कोटा, बीकानेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर जैसे बड़े शहर भी उसी दबाव में हैं.
हालात क्यों बिगड़ रहे हैं
यह बढ़ता प्रदूषण कई वजहों का नतीजा है. यहां की हवा पर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की जहरीली परत का असर पड़ रहा है. भिवाड़ी, कोटा और दूसरे औद्योगिक इलाकों में फैक्ट्रियों का धुआं सीधे वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है. सर्दियों में हवा की गति धीमी हो जाती है और तापमान गिरने से प्रदूषक नीचे ही जमा रह जाते हैं. निर्माण कार्य और कुछ इलाकों में फसल अवशेष जलाने से भी धुंध और बढ़ती है.
खराब हवा का मतलब क्या होता है
AQI का स्तर 201 से 300 तक खराब माना जाता है. इस दौरान अस्थमा, हृदय और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों के लिए बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है. स्वस्थ लोगों को भी ज्यादा समय तक बाहर रहने या भारी एक्सरसाइज से बचना चाहिए.
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