Rajasthan Assembly Questions Pending: राजस्थान विधानसभा के पिछले बजट सत्र में पूछे गए 1269 सवालों के जवाब अब तक लंबित हैं। छह विभागों ने विधानसभा सचिवालय को इन सवालों के जवाब नहीं भेजे हैं। विधानसभा की ओर से कई बार पत्र भेजकर जवाब उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, लेकिन इसके बावजूद जवाब नहीं मिले। विधानसभा का नया सत्र 20 अगस्त से शुरू होने वाला है। ऐसे में लंबित सवालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा पेंडेंसी
विधानसभा के सवालों के जवाब नहीं देने वाले विभागों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्थिति सबसे खराब है। इन विभागों में 489 सवालों के जवाब लंबित हैं। बजट सत्र खत्म हुए करीब पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में सवालों के जवाब विधानसभा को नहीं मिले हैं। नया विधानसभा सत्र 20 अगस्त से शुरू होगा। नए सत्र में भी बड़ी संख्या में सवाल पूछे जाएंगे। ऐसे में पुराने सवालों के जवाब लंबित रहने से विभागों की पेंडेंसी और बढ़ सकती है।
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने जताई नाराजगी
विधानसभा के सवालों के जवाब नहीं मिलने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताई है। उनके निर्देश पर विधानसभा के प्रमुख सचिव ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में लंबित सवालों के जवाब तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सभी छह विभागों के प्रमुखों को भी लंबित सवालों के जवाब 13 अगस्त तक हर हाल में विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एक महीने के भीतर जवाब देना जरूरी
विधानसभा सचिवालय की ओर से भेजे गए पत्र में संबंधित नियम का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, यदि विधानसभा का सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाता है तो सत्र समाप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर सभी लंबित सवालों के जवाब संबंधित विभागों को विधानसभा सचिवालय में भेजना अनिवार्य है। इसके बावजूद बजट सत्र समाप्त होने के करीब पांच महीने बाद भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कई सवालों के जवाब लंबित हैं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी से मार्च तक चले बजट सत्र में कई विधायकों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल पूछे थे। जूली ने कहा कि सत्र के दौरान और सत्र समाप्त होने के इतने समय बाद भी सवालों के जवाब नहीं मिलना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिपार्टमेंट से जुड़े सवाल अभी भी लंबित हैं। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि यह स्थिति बताती है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह नहीं है और जनप्रतिनिधियों के सवालों का सामना करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार से पाई-पाई का हिसाब मांगा जाएगा।
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