Rajasthan Bhanwari Devi Murder Case: फलोदी के लोहावट में भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड को शनिवार को 33 दिन पूरे हो गए, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले 24 दिनों से लोहावट थाने के बाहर धरना जारी है।

इसी बीच मामले की जांच में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह ने जांच लोहावट वृत्ताधिकारी भवानी सिंह से हटाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण को सौंप दी है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का फैसला लिया गया है।

तीन संदिग्धों की सहमति, FSL कराएगा टेस्ट

पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के अनुसार, जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, तीनों संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए जरूरी मंजूरी मिल चुकी है। तीनों ने टेस्ट के लिए अपनी सहमति भी दे दी है। आने वाले दिनों में एफएसएल के माध्यम से उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा।

27 जुलाई की रात हुई थी हत्या

भंवरी देवी बिश्नोई की 27 जुलाई की रात उनके खेत पर स्थित घर के बाहर सोते समय हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है।

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व विधायक किशना राम विश्नोई की अगुवाई में पिछले 24 दिनों से लोहावट थाने के बाहर धरना चल रहा है। धरने में रोजाना बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।

पहले थानाधिकारी बदले, अब जांच अधिकारी भी बदला

धरने पर बैठे पूर्व विधायक किशना राम विश्नोई मामले में थानाधिकारी और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।

एसआईटी बनने के बाद लोहावट थानाधिकारी हरि सिंह राजपुरोहित को हटाकर पाली भेज दिया गया। अब शुक्रवार को मामले के जांच अधिकारी भवानी सिंह को भी हटा दिया गया है। उनकी जगह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नए जांच अधिकारी के सामने हत्याकांड सुलझाने की चुनौती

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तीन संदिग्धों के पॉलीग्राफ टेस्ट से जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। अब पुलिस की जांच का फोकस इन संदिग्धों से जुड़े तथ्यों और हत्या की कड़ियों को स्पष्ट करने पर है। पॉलीग्राफ टेस्ट और आगे की जांच के बाद ही मामले में आरोपियों की भूमिका को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

पढ़ें ये खबरें