Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में इस समय जबरदस्त उबाल आ चुका है। मदन राठौड़ के एक बयान ने जयपुर से लेकर पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। बात गालियों से शुरू होकर अब एक-दूसरे के संस्कारों की पोल खोलने तक पहुंच गई है। हनुमान बेनीवाल और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने मिलकर अब बीजेपी को चारों तरफ से घेर लिया है।

आधी रात को हुआ मदन राठौड़ का धमाका

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बुधवार की रात करीब 11 बजे अपने जयपुर वाले घर पर अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली। वहां उन्होंने आरएलपी के हनुमान बेनीवाल पर सीधा हमला बोला। राठौड़ ने कहा कि आजकल के राजनेता गालियां देकर तालियां बटोरना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेनीवाल ने पूरी कैबिनेट को मूर्ख और सीएम भजनलाल शर्मा को महा-मूर्ख कहा है। राठौड़ ने साफ शब्दों में कहा, बेनीवाल को संस्कार सीखने की जरूरत है और मीडिया को ऐसे नेताओं पर तुरंत रोक लगा देनी चाहिए।

मदन राठौड़ के बयान के बाद हनुमान बेनीवाल बिल्कुल शांत नहीं बैठे। उन्होंने पिछले 24 घंटों में अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक के बाद एक 4 बड़े धमाके किए। बेनीवाल ने बीजेपी नेताओं के ही पुराने वीडियो और ऑडियो शेयर कर दिए। उन्होंने सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का एक कथित आपत्तिजनक ऑडियो शेयर कर पूछा कि क्या यही बीजेपी के संस्कार हैं?

बेनीवाल ने मदन राठौड़ को टैग करते हुए आरोप लगाया कि वे अपनी ही पार्टी के 40% कमीशन खाने वाले विधायक को बचाने के लिए ढाल बने हुए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री का एक वीडियो डाला जिसमें वे शिक्षकों को ‘मूर्ख’ और ‘बेवकूफ’ कहते नजर आ रहे हैं।

खाचरियावास की एंट्री, बोले- ऑडियो मिला तो मैं खुद खोलूंगा पोल

इस पूरी लड़ाई में अब कांग्रेस की भी एंट्री हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सीधे सीएम भजनलाल शर्मा और मदन राठौड़ को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बेनीवाल वहां संतों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने गए थे। खाचरियावास ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो ऑडियो गौतम दक का वायरल हो रहा है, अगर वह मुझे मिल गया तो मैं खुद उसे सबके सामने लेकर आऊंगा।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के मंत्रियों के गंदी भाषा वाले ऑडियो वायरल हो रहे हैं, उस पर मदन राठौड़ कुछ क्यों नहीं बोलते? क्या यही इनकी नारी शक्ति के सम्मान की परिभाषा है?

दूसरी तरफ जब इस पूरे मामले पर बीजेपी के बाकी बड़े नेताओं से बात करने की कोशिश की गई, तो जयपुर के सियासी हलकों में सन्नाटा पसर गया। सूत्रों के मुताबिक कोई भी नेता इस विवाद पर कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

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