जयपुर. राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए खरीफ-2025 में वितरित अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋणों को जमा करने की तारीख को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से जो समय पर ऋण चुकाने में असमर्थ थे और अतिरिक्त आर्थिक दबाव झेल रहे थे, ऐसे राज्य के 5 लाख 57 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि इस संबंध में वित्त विभाग से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से पैक्स और लैम्प्स द्वारा खरीफ-2025 के लिए ऋण लेने वाले किसान 15 मई 2025 या ऋण लेने की तारीख से 12 माह के भीतर, जो भी पहले हो, अपनी ऋण राशि जमा कर सकेंगे।

मंत्री दक ने बताया कि यदि भुगतान तिथि नहीं बढ़ाई जाती तो लगभग 2,184 करोड़ रुपये का ऋण अवधिपार हो जाता, जिससे किसानों को ब्याजमुक्त ऋण योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इसके अलावा किसानों को 2 प्रतिशत की पेनाल्टी भी चुकानी पड़ती, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती थी।

सरकार का यह कदम न केवल किसानों को आर्थिक राहत देगा, बल्कि उन्हें शून्य ब्याज दर योजना का लाभ बनाए रखने में भी मदद करेगा। यह निर्णय किसानों की आय को स्थिर रखने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अंत में सहकारिता मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय-सीमा का पूरा लाभ उठाते हुए अपने ऋणों का समय पर भुगतान करें, ताकि वे भविष्य में भी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।