जयपुर। Rajasthan JJM Scam News: राजस्थान के बहुचर्चित 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में आज राजधानी जयपुर की कोर्ट में भारी गहमागहमी रही। रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की 3 दिन की रिमांड खत्म होने पर जब एसीबी (ACB) ने उन्हें पेश किया, तो अग्रवाल के एक बयान ने राजस्थान की सियासत और ब्यूरोक्रेसी में भूचाल ला दिया।

सुधांश पंत का नाम लेकर सबको चौंकाया
कोर्ट परिसर में मीडिया के तीखे सवालों का सामना करते हुए सुबोध अग्रवाल ने सीधे तौर पर वर्तमान मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी सुधांश पंत का नाम ले लिया। अग्रवाल ने कहा, मैंने एसीबी की पूछताछ में हर सवाल का जवाब दिया है। सच तो यह है कि फाइनेंस कमेटी के जिन 37 प्रकरणों की बात हो रही है, उनमें से सिर्फ 4 मेरे समय के हैं। बाकी 33 मामले तो सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं, जो करीब 600 करोड़ का मामला है।
जहां गबन हुआ, वहां जांच नहीं
सूत्रों के मुताबिक, अग्रवाल ने एसीबी की जांच पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस काम में पैसा रिलीज ही नहीं हुआ, वहां उन्हें फंसाया जा रहा है, जबकि जहां पैसा देकर करोड़ों का गबन हुआ, उन फाइलों को कोई हाथ नहीं लगा रहा। गौरतलब है कि एसीबी ने सुबोध अग्रवाल के लिए 125 सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार की थी, जिस पर पिछले 3 दिनों से लगातार पूछताछ चल रही थी।
कोर्ट में रिमांड पर भिड़े वकील
आज सुनवाई के दौरान एसीबी के वकीलों ने कोर्ट से सुबोध अग्रवाल की 3 दिन की और रिमांड मांगी। इस पर बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में जोरदार विरोध किया। अग्रवाल के वकील ने कहा कि उन्हें रिमांड की अर्जी (Copy) तक नहीं दी गई, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है। जब एसीबी ने इसे केस डायरी का हिस्सा बताकर कॉपी देने से मना किया, तो जज साहब ने सख्त रुख अपनाया।
15 मिनट का अल्टीमेटम
कोर्ट ने एसीबी के वकील को दो-टूक कहा कि वे 15 मिनट के भीतर वह कानूनी प्रावधान या पिछला कोई आदेश पेश करें, जिसके तहत आरोपी के वकील को रिमांड कॉपी देने से मना किया जा सकता है। इस दौरान कोर्ट रूम के बाहर समर्थकों और मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ जमा रही।
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