Rajasthan News: राजस्थान के डीग जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कैथवाड़ा थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाकर शादी के नाम पर करोड़ों रुपये डकार गया।

पुलिस ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड हमीद उर्फ नीमला को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी हमीद के सिर पर पहले से ही 50 से ज्यादा केस दर्ज हैं। इस जालसाजी में पुलिस अब तक 5 लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, लेकिन सरगना की गिरफ्तारी से कई बड़े राज खुलने की उम्मीद है।

पहले कराईं असली शादियां, फिर जीता भरोसा

यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। कैथवाड़ा और आसपास के गांवों में अपनी पैठ बनाने के लिए इन्होंने शुरुआत में कुछ असली शादियां भी करवाईं। इतना ही नहीं, लोगों को दिखाने के लिए शादियों में दहेज का पूरा खर्च भी खुद उठाया। इस दिखावे को देखकर इलाके के लोग झांसे में आ गए। देखते ही देखते करीब 1 हजार से ज्यादा परिवारों ने इस ब्यूरो पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया। बस यहीं से ठगों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया।

1.50 लाख की फीस और फिर धोखा

डीग के एसपी शरण कांबले ने बताया कि आरोपी हमीद ने नीमला गांव में यह फर्जी मैरिज ब्यूरो खोल रखा था। गिरोह के लोग लड़के और लड़की वालों से शादी तय कराने के नाम पर सीधे 1 लाख 50 हजार रुपये की मोटी फीस वसूलते थे। पैसे ऐंठने के बाद वे शादी की एक तारीख दे देते थे।

जब लोग तय तारीख पर शादी की तैयारी करने लगे, तो न तो कोई लड़की सामने आई और न ही इनके पैसे वापस मिले। ठगे गए परिवारों ने जब मैरिज ब्यूरो के चक्कर काटने शुरू किए, तब जाकर उन्हें समझ आया कि वे बहुत बड़ी ठगी का शिकार हो चुके हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था पूरा धंधा

पीड़ितों की शिकायत पर जब कैथवाड़ा थाना पुलिस एक्टिव हुई, तो इस कथित मैरिज ब्यूरो पर अचानक छापा मारा गया। जांच में पता चला कि इस दफ्तर का कोई सरकारी रजिस्ट्रेशन ही नहीं था। यह पूरी तरह अवैध तरीके से चलाया जा रहा था।

एएसआई जसवंत सिंह के अनुसार मुखबिर की पक्की सूचना पर टीम के साथ दबिश देकर हमीद को उसके गांव से ही दबोचा। पुलिस अब उन सभी पीड़ितों की लिस्ट तैयार कर रही है जिनसे इस गैंग ने मोटी रकम वसूली थी। फरार चल रहे बाकी सदस्यों की तलाश में भी पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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